कर्मचारियों की लापरवाही और CEO का बड़ा कदम
आमतौर पर दुनिया भर के कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व का अर्थ मुनाफे के वक्त सारा श्रेय खुद लेने और किसी भी नुकसान या गलती के लिए निचले स्तर के कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ने से लगाया जाता है। हालांकि, जापान का व्यावसायिक दृष्टिकोण इस मामले में पूरी दुनिया से एकदम अलग है। जापान एयरलाइंस में हाल ही में अनुशासन का एक गंभीर उल्लंघन देखने को मिला, जहां घरेलू उड़ान शुरू होने से ठीक एक दिन पहले केबिन क्रू के दो सदस्यों ने शराब का सेवन किया था। यह हरकत कंपनी की सख्त आचार संहिता के पूरी तरह खिलाफ थी। विमानन कंपनी ने इस पर तत्काल कदम उठाते हुए एक कर्मी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया और दूसरे को निलंबित कर दिया। लेकिन कार्रवाई यहीं नहीं थमी।
कंपनी के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे मामले को प्रबंधन की एक बेहद गंभीर नाकामी माना है। जिम्मेदारी तय करने के लिए जापान एयरलाइंस की CEO मित्सुको तोतोरी ने खुद आगे आकर दो महीने तक अपने वेतन में 30 फीसदी की कटौती करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था और केबिन संचालन की कमान संभाल रहे दो अन्य शीर्ष अधिकारियों के वेतन में भी एक महीने के लिए 20 फीसदी की कटौती की गई है। इतना ही नहीं, कंपनी बोर्ड के अन्य सभी डायरेक्टर्स ने भी जिम्मेदारी लेते हुए एक महीने के लिए अपने वेतन का 10 फीसदी हिस्सा छोड़ने का फैसला किया है।
कानून नहीं, पश्चाताप की अनूठी जापानी परंपरा
जापान की विधिक व्यवस्था के विशेषज्ञ और स्टैनफोर्ड लॉ स्कूल के प्रोफेसर कर्टिस मिल्हौप्ट का कहना है कि जापानी कॉर्पोरेट प्रशासन में यह एक स्थापित मानक के रूप में देखा जाता है। उनके अनुसार, इसके पीछे दो प्रमुख कारण होते हैं।
पहला कारण स्वैच्छिक सजा है। जापानी संस्कृति में किसी भी बड़े घोटाले या कर्मचारियों की बड़ी भूल के बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खुद अपना वेतन काटना या इस्तीफा देना एक सामान्य बात है। ऐसा करने के लिए कंपनी का कोई नियम या सरकारी कानून बाध्य नहीं करता। दूसरा कारण जनता के बीच अपनी साख मजबूत करना है। प्रोफेसर कर्टिस मिल्हौप्ट के मुताबिक, यह आर्थिक से कहीं अधिक एक प्रतीकात्मक पहल होती है। इसके जरिए शीर्ष नेतृत्व समाज और अपने ग्राहकों के सामने यह प्रदर्शित करता है कि वे अपनी निगरानी प्रणाली की कमजोरियों की पूरी जवाबदेही अपने कंधों पर लेते हैं।
करोड़ों की वित्तीय गड़बड़ी और संगीन अपराधों पर भी झुके हैं शीर्ष बॉस
जापान में निचले कर्मियों की गलतियों के लिए खुद को दंडित करने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में देश के वित्तीय और बैंकिंग सेक्टर में भी ऐसे कई उदाहरण देखे गए हैं।
दिसंबर 2024 में नोमुरा होल्डिंग्स के एक वेल्थ मैनेजमेंट कर्मी पर बुजुर्ग ग्राहकों को नशीली दवाएं देने, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे थे। इस घटना के फौरन बाद बैंक के चीफ केंटारो ओकुडा ने एक सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, सबके सामने सिर झुकाकर माफी मांगी और तीन महीने के लिए अपनी सैलरी में 30 फीसदी की कटौती की घोषणा की।
इसी तरह जनवरी 2025 में एमयूएफजी बैंक में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां एक कर्मचारी ने ग्राहकों के सेफ डिपॉजिट बॉक्स से करीब 90 लाख डॉलर यानी लगभग 75 करोड़ रुपये से अधिक के कीमती सामान चुरा लिए थे। इस बड़ी चोरी के बाद बैंक के शीर्ष प्रबंधकों ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और तीन महीने तक कम वेतन पर काम करने की रजामंदी दी थी।
जापान एयरलाइंस का आधिकारिक पक्ष
जापान एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रवक्ता के अनुसार, इन सुधारात्मक कदमों के माध्यम से कंपनी अपनी निगरानी व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने और बुनियादी तौर पर संगठनात्मक सुधारों को जमीनी स्तर पर उतारने के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दर्शा रही है। TrendKia के अनुसार, कॉर्पोरेट गवर्नेंस के इस दौर में जापान की यह अनूठी संस्कृति यह सीख देती है कि ब्रांड की विश्वसनीयता और जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए असली लीडर्स को खुद आगे आकर जिम्मेदारी उठानी पड़ती है।













