देश भर में सड़क, रेल, जलमार्ग और हवाई संपर्क को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कर्नाटक के विजयपुरा में तैयार हो रहा नया हवाई अड्डा अपने निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। हवाई अड्डे का मुख्य ढांचागत निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है, जिसके बाद संबंधित प्राधिकरण ने संचालन शुरू करने के लिए आवश्यक पर्यावरणीय अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करने हेतु सरकार को औपचारिक आवेदन सौंपा है।
प्रोजेक्ट की समयसीमा और निर्माण से जुड़े अहम आंकड़े
विजयपुरा जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह परियोजना अपने तय कार्यक्रम से करीब 2 साल पीछे चल रही है। शुरुआती कार्ययोजना के तहत इस परियोजना को वर्ष 2025 के अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाना था, लेकिन आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से काम में विलंब हुआ है। इस परियोजना के विकास की जिम्मेदारी कर्नाटक स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है।
कुल 727 एकड़ भूभाग में फैले इस विमानपत्तन के निर्माण पर 619 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आने का आकलन किया गया है। यह केंद्र न केवल नियमित यात्री उड़ानों का संचालन करेगा, बल्कि व्यावसायिक माल ढुलाई यानी कॉमर्शियल कार्गो सेवाओं के लिए भी व्यापक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का अर्थ और इसकी विशेषताएं
विमानन क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उस हवाई अड्डे को कहा जाता है, जिसका निर्माण बिल्कुल नए सिरे से खाली पड़ी जमीन पर किया जाता है। इसका आशय यह है कि उस स्थान पर पहले से कोई विमानन ढांचा मौजूद नहीं था। विजयपुरा में भी प्रशासन ने अविकसित जमीन का अधिग्रहण कर वहां रनवे, पैसेंजर टर्मिनल, टैक्सीवे, ऐपरॉन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी टावर और अन्य सहायक सुविधाएं तैयार की हैं। बिल्कुल शुरुआत से विकसित किए जाने की इसी खूबी के चलते इसे ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
















