मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली बेस्ट बस सेवा में सफर करने वाले लाखों दैनिक मुसाफिरों की यात्रा को ज्यादा सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन उपक्रम (बेस्ट) ने वित्त वर्ष 2027-28 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। इस नए वित्तीय खाके में सार्वजनिक परिवहन के बेड़े को कई गुना बड़ा करने के साथ-साथ डिजिटल टिकटिंग के दायरे को विस्तार देने, बसों की रियल-टाइम ट्रैकिंग को पुख्ता करने और यात्रियों की हिफाजत सुनिश्चित करने से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल की गई हैं। इस योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण उपक्रम के बेड़े में 1,500 नई पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक मिडी बसों को जोड़ना है, जिसके साथ ही 200 सीएनजी मिडी बसों को खरीदने के लिए भी टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
10,000 बसों तक बेड़ा पहुंचाने का चरणबद्ध रोडमैप
आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 तक बेस्ट के पास कुल 2,834 बसें परिचालन में थीं। अब प्रशासन ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करते हुए चरणबद्ध तरीके से अपनी क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। पहले चरण में बसों की यह कुल संख्या बढ़ाकर 4,016 की जाएगी, जबकि अंतिम लक्ष्य पूरे बेड़े को 10,000 बसों तक ले जाने का तय किया गया है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार के अंतर्गत केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना की मदद से 1,500 नई इलेक्ट्रिक मिडी बसें खरीदी जाएंगी। इसके साथ ही पारंपरिक स्वच्छ ईंधन वाली 200 सीएनजी मिडी बसों की खरीद प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में मुंबई और इसके आसपास के उपनगरीय इलाकों में रोजाना करीब 25 लाख यात्री बेस्ट की बसों में यात्रा करते हैं। ऐसे में बेड़े के बड़े आकार से यात्रियों को लंबे इंतजार से मुक्ति मिलने और रूट्स पर बसों की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
ONDC और मोबाइल ऐप्स से क्यूआर कोड टिकटिंग
कागजी टिकटों और नकद लेन-देन पर निर्भरता घटाने के लिए बेस्ट अपने डिजिटल टिकटिंग तंत्र को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में जुटा है। उपक्रम का प्रस्ताव है कि क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सुविधा को ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) नेटवर्क के जरिए कई लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध कराया जाए। इस पहल के साकार होने पर यात्री चार्टर, फोनपे, पेटीएम, व्हाट्सएप, रेडबस, रैपिडो और नम्मा यात्री जैसे रोजमर्रा के मोबाइल ऐप्स से सीधे बस टिकट खरीद सकेंगे। इसके समानांतर इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम को भी लगातार चालू रखा जाएगा। इस तकनीक के दम पर यात्रियों को बसों की लाइव और रियल-टाइम बस ट्रैकिंग, सटीक पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और ऑटोमैटिक व्हीकल लोकेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। सभी रूट्स के सटीक संचालन और शेड्यूल मैनेजमेंट को सुचारू रखने के लिए सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर अपनी सक्रिय भूमिका निभाएगा।
दिंडोशी केंद्र में सिमुलेटर से ड्राइवरों को सुरक्षा प्रशिक्षण
सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम करने और यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बेस्ट ने अपने ड्राइवरों के पेशेवर प्रशिक्षण को अधिक आधुनिक बनाने का फैसला किया है। इसके लिए दिंडोशी ट्रेनिंग सेंटर में अत्याधुनिक ड्राइविंग सिमुलेटर स्थापित किए जाएंगे। इन एडवांस्ड सिमुलेटरों की मदद से ड्राइवरों को भारी बारिश या धुंध जैसे खराब मौसम, कठिन ट्रैफिक परिस्थितियों, अचानक सामने आने वाले खतरों को समय रहते पहचानने और ईंधन की बचत करने वाली स्मार्ट ड्राइविंग तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया जाएगा।
पर्यटन को रफ्तार देने आएंगी ओपन-टॉप डबल-डेकर बसें
देश की आर्थिक राजधानी में आने वाले सैलानियों के अनुभव को यादगार बनाने और मुंबई के स्थानीय पर्यटन उद्योग को गति देने के लिए बेस्ट ने ओपन-टॉप डबल-डेकर बसें चलाने का भी प्रस्ताव रखा है। इन विशेष खुली छत वाली डबल-डेकर बसों को शहर के ऐतिहासिक स्थलों और दर्शनीय मार्गों पर हेरिटेज टूरिस्ट सर्विस के रूप में संचालित करने की योजना तैयार की गई है।


















