सोमवार को एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए एक खास टाउन हॉल आयोजित हुआ, जिसमें टाटा संस के मुखिया एन. चंद्रशेखरन शामिल हुए और उन्होंने सुरक्षा व खर्च पर सख्ती बरतने का साफ संदेश दिया। इस मीटिंग में एयरलाइन के नवनियुक्त सीईओ टेवोल्डे गेबरियाम के साथ पद छोड़ चुके पूर्व सीईओ कैंपबेल विल्सन भी मौजूद रहे।
यात्रियों का विश्वास जीतना सबसे बड़ी प्राथमिकता
चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों को बताया कि आगे एयर इंडिया को चार बातों पर ध्यान देना होगा, सुरक्षा, ग्राहकों का विश्वास, परिचालन को बेहतर तरीके से चलाना और खर्च में अनुशासन। उन्होंने साफ कहा, "एयर इंडिया को सबसे महत्वपूर्ण चीज जो हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए, वो लोगों का भरोसा है।" इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने कर्मचारियों को याद दिलाया कि एयरलाइन का भविष्य केवल आंकड़ों या मुनाफे पर नहीं, बल्कि यात्रियों के रोजमर्रा के भरोसे पर टिका है। यही वजह है कि उन्होंने इसे बाकी तीन प्राथमिकताओं से भी ऊपर रखा।
सुरक्षा रिकॉर्ड बेस्ट-इन-क्लास से भी ऊपर होना चाहिए
चेयरमैन ने कहा कि कंपनी को अपने सुरक्षा मानकों को उद्योग के सबसे अच्छे स्तर से भी आगे ले जाना होगा, यानी सिर्फ बराबरी करना काफी नहीं है। साथ ही उन्होंने स्टाफ से अपील की कि वे मिलकर खर्च पर काबू रखने की एक मजबूत आदत विकसित करने में उनका साथ दें, ताकि कंपनी लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे और अचानक आने वाले झटकों को झेल सके।
पिछले डेढ़ साल एयरलाइन के लिए आसान नहीं रहे
चंद्रशेखरन ने खुलकर स्वीकार किया कि बीते 18 महीने कंपनी के लिए बेहद मुश्किल भरे रहे हैं। पश्चिम एशिया में बने भू-राजनीतिक हालात की वजह से कई बार हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा, विमान ईंधन यानी एटीएफ के दाम में तेज उछाल आया और AI171 विमान हादसे ने भी कंपनी को गहरा झटका दिया। इन सभी घटनाओं ने मिलकर एयरलाइन के रोजमर्रा के परिचालन और कामकाजी प्रदर्शन पर सीधा असर डाला, और यही वजह है कि अब कंपनी सुरक्षा और भरोसे को सबसे ऊपर रखने की बात कर रही है।
नए सीईओ का औपचारिक परिचय, चार दशकों का अनुभव साथ लाए गेबरियाम
इसी टाउन हॉल में चंद्रशेखरन ने कर्मचारियों के सामने गेबरियाम का औपचारिक परिचय भी कराया। एयर इंडिया ने बताया था कि गेबरियाम को कंपनी की कमान, यानी सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद, एक विस्तृत चयन प्रक्रिया के बाद 5 अगस्त को सौंपा गया था। इस पूरी प्रक्रिया पर बोर्ड की एक खास समिति ने नजर रखी थी। गेबरियाम इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप से जुड़े रहे हैं, जहां उनका अनुभव करीब चार दशक पुराना है, और वे वहां 11 साल से भी अधिक समय तक सीईओ रहे थे। इतने लंबे और बड़े अनुभव को देखते हुए उनकी नियुक्ति को एयर इंडिया के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
टाटा ग्रुप के हाथों में एयर इंडिया, सिंगापुर एयरलाइंस की भी हिस्सेदारी
जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने सरकार से एयर इंडिया को अपने हाथों में लिया था और तब से कंपनी को नए सिरे से खड़ा करने में जुटा है। इसके कुछ समय बाद सिंगापुर एयरलाइंस ने भी एयरलाइन में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली थी। एयर इंडिया ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर बताया कि टाउन हॉल में जुटे कर्मचारियों ने चेयरमैन चंद्रशेखरन की मौजूदगी में नए सीईओ गेबरियाम का स्वागत किया, जबकि निवर्तमान सीईओ कैंपबेल विल्सन भी इस मौके पर मौजूद रहे। कंपनी के मुताबिक यह पल एयरलाइन के बदलाव के सफर के अगले अध्याय की शुरुआत है।



















