घर के मंदिर में रोज इस्तेमाल होने वाले तांबे और पीतल के लोटे, थाली, गिलास और अन्य पूजा सामग्री कुछ ही महीनों में इस्तेमाल के चलते काली और बेरौनक दिखने लगती है. ज्यादातर घरों में इन्हें फिर से चमकाने के लिए बाजार में मिलने वाले महंगे पाउडर और केमिकल क्लीनर खरीदे जाते हैं, जबकि रसोई में मौजूद कुछ रोजमर्रा की चीजों से भी यही काम आसानी से हो सकता है.
आटा, हल्दी, नमक और नींबू से बनेगा क्लीनिंग पेस्ट
घरेलू नुस्खे और आसान उपाय बताने वाली शालू तिवारी के मुताबिक, गेहूं के आटे, हल्दी, नमक और नींबू के रस को मिलाकर एक असरदार सफाई पेस्ट तैयार किया जा सकता है. यह पेस्ट खासतौर पर रोजाना इस्तेमाल होने वाले तांबे-पीतल के बर्तनों की सतह पर जमी मैल और कालेपन को कम करने में मददगार बताया गया है. पेस्ट बनाने के लिए एक कटोरी में थोड़ा गेहूं का आटा, हल्दी पाउडर और सादा नमक डालें, फिर उसमें नींबू का रस मिलाएं. जरूरत पड़ने पर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए इसे इतना गाढ़ा बना लें कि यह बर्तन की सतह पर आराम से चिपक जाए.
बर्तन चमकाने का तरीका
सफाई शुरू करने से पहले बर्तन को सादे पानी से धोकर उस पर जमी धूल-मिट्टी हटा दें. इसके बाद तैयार पेस्ट को बर्तन की काली पड़ी सतह पर हल्के हाथों से लगाएं और करीब 30 सेकंड से 1 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें. तय समय के बाद मुलायम कपड़े या स्पंज से बर्तन को धीरे-धीरे रगड़ें, ताकि जमा हुआ कालापन ऊपर की सतह से उतर जाए. पेस्ट पूरी तरह हटाने के लिए बर्तन को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं और आखिर में सूखे व मुलायम कपड़े से पोंछ लें. अगर बर्तन पर कालापन अब भी बना रहे, तो यह पूरी प्रक्रिया दोबारा दोहराई जा सकती है. शालू तिवारी के अनुसार रसोई में आसानी से मिलने वाली इन चीजों का इस्तेमाल करने से बाजार के महंगे सफाई उत्पादों पर होने वाला खर्च भी बचता है.
पुराने और डिजाइन वाले बर्तनों के साथ बरतें सावधानी
जो बर्तन काफी पुराने हो चुके हैं और बहुत ज्यादा काले पड़ गए हैं, उन पर एक ही बार में पूरी चमक लौट आना जरूरी नहीं है. ऐसे बर्तनों को साफ करने की प्रक्रिया एक से ज्यादा बार दोहरानी पड़ सकती है. वहीं जिन बर्तनों पर पॉलिश, नक्काशी या खास डिजाइन बना हो, उन पर सीधे पूरे बर्तन पर यह पेस्ट लगाने के बजाय पहले उसे किसी छोटे हिस्से पर आजमाना बेहतर रहेगा, ताकि डिजाइन या पॉलिश को कोई नुकसान न पहुंचे.



















