सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए मासिक पेंशन का निर्बाध भुगतान सुनिश्चित करने हेतु वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम समयसीमा नजदीक आ रही है। पेंशन पाने वाले सभी नागरिकों को नवंबर के अंत तक अपने जीवित होने की पुष्टि बैंक शाखा में जाकर अथवा डिजिटल माध्यमों के जरिये दर्ज करानी होगी। पेंशन एवं पेंशनधारक कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा का उपयोग करते हुए इस औपचारिकता को समय रहते पूरा कर लें।
डिजिटल माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच का लक्ष्य
मासिक आर्थिक सहायता को बिना किसी बाधा के चालू रखने के लिए हर वर्ष जीवन प्रमाण पत्र सौंपना बुनियादी नियम है। पेंशनभोगी बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाकर इस प्रक्रिया को घर से ही संपन्न कर सकते हैं। विभाग की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए सचिव ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण कल्याणकारी नीतियों का मुख्य केंद्र पेंशनभोगी स्वयं हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि इस विशेष डिजिटल अभियान की वास्तविक उपलब्धि तभी संभव होगी, जब सुदूर और ग्रामीण अंचलों में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों तक भी यह तकनीकी सुविधा सरलता से पहुंच सके।
कार्मिक मंत्रालय के विवरण के मुताबिक, प्रशासनिक नेतृत्व ने बुजुर्गों से आग्रह किया है कि वे अपने तकनीकी अनुभवों को साझा करें तथा अन्य वरिष्ठ साथियों को भी चेहरा पहचान प्रणाली अपनाने हेतु प्रेरित करें। आधुनिक तकनीक की उपलब्धता के बाद वरिष्ठ नागरिकों को बैंक परिसरों के चक्कर काटने अथवा परिवार के किसी अन्य सदस्य की सहायता पर आश्रित रहने की आवश्यकता नहीं रह गई है। पेंशनभोगी व्यक्तिगत स्मार्टफोन की मदद से चंद मिनटों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र दर्ज करने के चरणबद्ध नियम
इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सत्यापन के लिए संबंधित ऐप और आधार फेस आरडी तकनीक की मदद ली जा सकती है। इस डिजिटल व्यवस्था का उपयोग करने के लिए व्यक्ति के पास आधार से जुड़ा मोबाइल संपर्क, पेंशन भुगतान आदेश संख्या, बैंक खाता विवरण और एक सक्रिय फोन नंबर होना आवश्यक है।
- ऐप की स्थापना: सबसे पहले मोबाइल के प्ले स्टोर में जाकर जीवन प्रमाण से संबंधित अधिकृत ऐप को फोन में सुरक्षित रूप से इंस्टॉल करना होता है।
- ऑपरेटर पंजीकरण: एप्लिकेशन शुरू करने पर निर्धारित स्थान में पेंशनभोगी का आधार और सक्रिय फोन नंबर दर्ज कर एकमुश्त पासवर्ड के माध्यम से पंजीयन किया जाता है।
- पहचान का सत्यापन: आरंभिक पंजीकरण होने के उपरांत पेंशनधारक अपने आधार विवरण और फोन पर प्राप्त सुरक्षा कोड से व्यक्तिगत ब्योरे को प्रमाणित करते हैं।
- पेंशन रिकॉर्ड की प्रविष्टि: इसके बाद जारी किया गया पीपीओ क्रमांक, संबंधित बैंक शाखा का विवरण और खाता संख्या सही रूप से दर्ज की जाती है।
- चेहरा स्कैन और समापन: अंतिम चरण में कैमरे के सम्मुख उपस्थित होकर फेस ऑथेंटिकेशन प्रणाली से चेहरा स्कैन किया जाता है, जिसके संपन्न होते ही स्क्रीन पर विशिष्ट प्रमाण पत्र पहचान क्रमांक प्रदर्शित हो जाता है।

















