एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में जापानी येन ने अपनी हालिया कमजोरी से उबरते हुए मजबूती का रुख दिखाया है। बुधवार के कारोबारी सत्र में USD/JPY की जोड़ी में बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे पिछले दो दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। इससे पहले के कारोबारी दिन यह जोड़ी लगभग तीन हफ्तों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन टोक्यो की ओर से संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के संकेतों और अमेरिकी डॉलर में आई व्यापक कमजोरी के मिले-जुले असर से हाजिर भाव 158.00 के मध्य स्तर से नीचे आ गए, जो दिन के आधार पर लगभग 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्शाते हैं।
जापानी अधिकारियों की चेतावनी और मुद्रा हस्तक्षेप की आशंका
विदेशी मुद्रा बाजारों में कारोबारी इस समय पूरी सतर्कता बरत रहे हैं, क्योंकि इस बात की तीव्र संभावना बनी हुई है कि जापानी अधिकारी राष्ट्रीय मुद्रा येन को सहारा देने के लिए बाजार में सीधे तौर पर कदम उठा सकते हैं। जब भी येन में अत्यधिक गिरावट दर्ज की जाती है, तो टोक्यो की ओर से डॉलर बेचकर येन खरीदने जैसी कार्रवाई का जोखिम उभर आता है। इसी आशंका के चलते येन में शॉर्ट कवरिंग देखी गई, जिसने अमेरिकी डॉलर पर सीधा दबाव बनाया।
जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने सोमवार को इस संबंध में सख्त रुख जाहिर करते हुए स्पष्ट किया था कि अमेरिका के साथ हुआ संयुक्त एफएक्स बयान अभी भी प्रभावी है। उन्होंने रेखांकित किया कि जापानी सरकार येन में किसी भी प्रकार की अत्यधिक या अव्यवस्थित गिरावट को रोकने के लिए बाजार में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप करने को पूरी तरह तैयार है। वित्त मंत्री के इस बयान ने निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ा दी है, जिससे येन के खिलाफ भारी दांव लगाने वाले ट्रेडर्स अपनी स्थिति को सीमित करने लगे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक उम्मीदों से डॉलर पस्त
अमेरिकी डॉलर पर सिर्फ टोक्यो के बयानों का ही दबाव नहीं है, बल्कि भू-राजनीतिक मोर्चे पर बदलते समीकरणों ने भी सुरक्षित निवेश माने जाने वाले डॉलर की मांग को कमजोर कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में संभावित राजनयिक समाधान की आशाओं ने मुद्रा बाजार में राहत की सांस दी है। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से डॉलर के पक्ष में मिलने वाला रिस्क प्रीमियम तेजी से घट रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए कहा कि अमेरिका की ईरान पर तत्काल हमला करने की कोई योजना नहीं है और ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिका को वह सब कुछ मिल रहा है जो वह चाहता है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस बयान के बाद निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिम के आधार पर की गई डॉलर की अतिरिक्त खरीदारी को समेटना शुरू कर दिया, जिससे ग्रीनबैक में तेज मुनाफावसूली दर्ज की गई और USD/JPY के भाव में गिरावट आई।
मध्यावधि चुनाव और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट
मुद्रा जोड़ी पर दबाव बनाने वाला एक अन्य महत्वपूर्ण कारण अमेरिकी सरकारी बॉन्ड प्रतिफल का गिरना है। निवेशक इस समय अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के शुरुआती नतीजों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। राजनीतिक गलियारों और वित्तीय बाजारों में इस संभावना को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत गंवा सकती है और संभवतः सीनेट में भी सत्ता संतुलन बदल सकता है।
संसद के दोनों सदनों में बहुमत खोने की संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर के खरीदारों को बैकफुट पर धकेल दिया है। हालांकि, मंगलवार को जारी हुए अमेरिकी श्रम बाजार के सकारात्मक आंकड़ों ने यूएस फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों को सख्त बनाए रखने की उम्मीदों को बल दिया है, जिससे डॉलर को कुछ सहारा मिल रहा है और गिरावट एक सीमित दायरे में थमी हुई है।
तकनीकी स्तर और महत्वपूर्ण प्रतिरोध क्षेत्र
तकनीकी चार्ट पर USD/JPY का रुझान 159.15 पर स्थित 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA से नीचे बना हुआ है। इसके अतिरिक्त, यह जोड़ी 159.75 के स्तर पर मौजूद 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट से भी नीचे कारोबार कर रही है, जो निकट अवधि में इसके रुझान को सीमित और हल्के मंदी के दायरे में रखता है। वर्तमान में भाव 158.45 के स्तर पर स्थित 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के ठीक नीचे डगमगा रहे हैं। यदि इस जोड़ी को ऊपरी फाइबोनैचि स्तरों की ओर स्थायी सुधार दर्ज करना है, तो उसे इस महत्वपूर्ण बाधा को पार करना होगा।
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY का हाजिर भाव 157.70 पर दर्ज किया गया है, जो पिछले बंद स्तर 157.91 के मुकाबले 0.14 प्रतिशत की दैनिक गिरावट दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़ी का 52-हफ्तों का दायरा 152.28 से 163.98 के बीच रहा है, जबकि वॉल्यूम अपने 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर है। तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का RSI 50 के स्तर पर तटस्थ स्थिति दिखा रहा है। वहीं MACD शून्य से ऊपर 0.02 पर है, जबकि इसकी सिग्नल लाइन 0.04 पर है, जो हिस्टोग्राम पर -0.02 का मंदी का संकेत उत्पन्न कर रहा है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय EMA 157.74, 50-दिवसीय EMA 157.91 और 200-दिवसीय EMA 157.90 पर स्थित है, जिसमें 50-दिवसीय EMA के 200-दिवसीय EMA से ऊपर बने रहने के कारण गोल्डन क्रॉस की स्थिति दिखाई देती है, यद्यपि भाव दीर्घावधि डाउनट्रेंड में बने हुए हैं। 50-दिवसीय SMA 157.37 और 200-दिवसीय SMA 158.59 पर है। बॉलिंजर बैंड्स 156.92 से 158.86 के दायरे में हैं, जिनका मध्य स्तर 157.89 है और भाव इस बैंड के भीतर कारोबार कर रहे हैं। 14-अवधि का ADX 10 पर होने के कारण बाजार में रुझान की कमजोरी और सीमित दायरे का संकेत मिलता है, जबकि स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 60 और सिग्नल लाइन 63 पर है। 14-अवधि का ATR 0.98 है, जो दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है। आगामी सत्रों के लिए 158.01 का पिवट स्तर, 158.43 का पहला प्रतिरोध (R1) और 159.16 का दूसरा प्रतिरोध (R2) महत्वपूर्ण हैं, जबकि समर्थन स्तर 157.28 (S1) और 156.86 (S2) पर बने हुए हैं। इसके साथ ही 20-दिवसीय समर्थन लगभग 156.10 और प्रतिरोध लगभग 158.94 पर देखा जा रहा है।
बैंक ऑफ जापान की नीतियां और सुरक्षित निवेश की धारणा
जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शुमार है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन, बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल के अंतर तथा वैश्विक निवेशकों की जोखिम धारणा पर निर्भर करता है। बैंक ऑफ जापान के प्रमुख दायित्वों में मुद्रा का स्थायित्व शामिल है, जिसके चलते उसके नीतिगत कदम येन के लिए निर्णायक साबित होते हैं। अतीत में केंद्रीय बैंक ने अपनी मुद्रा के अवमूल्यन को थामने या अत्यधिक मजबूती को संतुलित करने के लिए प्रत्यक्ष हस्तक्षेप का सहारा लिया है, हालांकि प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण वह अक्सर ऐसा करने से बचता रहा है।
वर्ष 2013 से 2024 के बीच बैंक ऑफ जापान की अत्यधिक उदार मौद्रिक नीति के कारण येन में अन्य वैश्विक मुद्राओं की तुलना में लगातार गिरावट देखी गई थी, क्योंकि अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ा रहे थे जबकि जापान में दरें बेहद कम थीं। अमेरिकी और जापानी 10-वर्षीय बॉन्ड के बीच इस बढ़ते अंतर ने अमेरिकी डॉलर को येन की तुलना में भारी बढ़त दिलाई थी। हालांकि, 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अत्यधिक उदार नीति को धीरे-धीरे समाप्त करने के निर्णय और अन्य केंद्रीय बैंकों द्वारा शुरू की गई ब्याज दर कटौतियों ने इस नीतिगत अंतर को पाटने का काम किया है, जिससे येन को बुनियादी सहारा मिलना शुरू हुआ है। वैश्विक उथल-पुथल के समय येन की पारंपरिक पहचान एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में उभरती है, जहां निवेशक जोखिम भरे संपत्तियों से निकलकर स्थिरता की तलाश में येन की ओर रुख करते हैं।
अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का परिदृश्य
मुद्रा बाजार के अन्य क्षेत्रों में भी डॉलर की नरमी का प्रभाव देखने को मिला। एशियाई सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी में मामूली बढ़त दर्ज की गई और उसने पिछले कारोबारी दिन रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की कम सख्त प्रतिक्रिया के बाद छुए गए दो-सप्ताह के निचले स्तर से थोड़ा सुधार दिखाया। हालांकि, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों की प्रतीक्षा के चलते इस जोड़ी की बढ़त सीमित बनी रही।
इसी तरह की स्थिति कमोडिटी बाजार में सोने के भावों के साथ देखी गई। सोना 3,900 डॉलर के निचले स्तर से पिछले दिन दर्ज किए गए सुधार को आगे बढ़ाने में संघर्ष करता दिखाई दिया। एशियाई सत्र में सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में घूमती रहीं, क्योंकि ट्रेडर्स अमेरिकी चुनाव नतीजों से पैदा होने वाली संभावित अल्पकालिक अस्थिरता को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए थे। डॉलर की कमजोरी ने सोने को निश्चित तौर पर निचला समर्थन दिया, लेकिन फेड की दरों को लेकर बनी उम्मीदों ने किसी बड़ी तेजी पर ब्रेक लगाए रखा।

















