केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी इस समय आठवें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुक हैं और सबके मन में एक ही सवाल है, कि नई सिफारिशों के बाद उनकी जेब में कितना ज्यादा पैसा आएगा। पूरा गणित एक ही आंकड़े पर टिका है, फिटमेंट फैक्टर। अगर सरकार सातवें वेतन आयोग वाला 2.57 का फिटमेंट फैक्टर ही आगे भी बरकरार रखती है, तो अलग-अलग वेतन स्तरों के कर्मचारियों के मूल वेतन के साथ-साथ मकान किराया भत्ता यानी एचआरए में भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है। यहां हम लेवल 1, 5, 7 और 10 के कर्मचारियों के लिए संभावित हिसाब समझते हैं।
फिटमेंट फैक्टर आखिर तय क्या करता है
फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जिससे कर्मचारी का पुराना मूल वेतन गुणा होकर नया मूल वेतन बनता है। सातवें वेतन आयोग में सरकार ने इसे 2.57 रखा था। इसी का असर था कि न्यूनतम मूल वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर सीधे 18,000 रुपये पर पहुंच गया था। अगर आठवें वेतन आयोग में भी यही 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा मूल वेतन में भी करीब 2.57 गुना तक की बढ़ोतरी संभव है।
लेवल 1 से 5 तक कितना बढ़ सकता है वेतन
लेवल 1 में एमटीएस, ट्रैकमैन और ग्रुप 'डी' के कर्मचारी आते हैं, जिनका वर्तमान मूल वेतन 18,000 रुपये है। इस पर 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लगाने पर नया मूल वेतन 18,000 × 2.57 यानी 46,260 रुपये तक पहुंच सकता है। इसी तर्ज पर लेवल 5 के कर्मचारियों का संभावित मूल वेतन बढ़कर करीब 75,044 रुपये हो सकता है।
लेवल 7 से 10 वालों की तस्वीर
लेवल 7 में सेक्शन ऑफिसर, आयकर निरीक्षक और ग्रुप 'बी' गैर-राजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं, जिनका मौजूदा मूल वेतन 44,900 रुपये है। आठवें वेतन आयोग के बाद यह बढ़कर 1,15,393 रुपये तक जा सकता है। वहीं लेवल 10 तक के कर्मचारियों का संभावित मूल वेतन 1,44,177 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
एचआरए भी छलांग लगाएगा
मूल वेतन बढ़ने का सीधा फायदा मकान किराया भत्ते पर भी दिखेगा, क्योंकि केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक एचआरए मूल वेतन के आधार पर ही तय होता है। इसके लिए शहरों को तीन श्रेणियों X, Y और Z में बांटा गया है। इस समय महंगाई भत्ता यानी डीए 50 प्रतिशत के पार जा चुका है, इसलिए इन तीनों श्रेणियों में एचआरए की दर क्रमशः 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत है।
मतलब साफ है, कि आठवें वेतन आयोग के लागू होने के बाद अगर मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होती है, तो उसी अनुपात में एचआरए की रकम भी काफी बढ़ जाएगी। इन दोनों के जुड़ने से कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी में और भी ज्यादा इजाफा देखने को मिलेगा।















