देश की राजधानी के हाजिर सर्राफा बाजार में मंगलवार को कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखने को मिली। औद्योगिक मांग में सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने दबाव के चलते चांदी की कीमतें एक ही कारोबारी सत्र में चार हजार रुपये फिसलकर 2 लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गईं। पिछले 10 महीनों में यह पहला मौका है जब घरेलू बाजार में चांदी इस निचले दायरे में पहुंची है। चांदी के साथ ही सोने के भाव में भी मंदी का रुख बना रहा और खरीदारों की बेरुखी के बीच कीमतें पांच सौ रुपये सस्ती होकर बंद हुईं।
चांदी में ₹4,000 की तेज गिरावट, 10 महीने के निचले स्तर पर भाव
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार के कारोबारी सत्र में चांदी की कीमत 4000 रुपये की भारी गिरावट के साथ 1.98 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। इससे पहले कारोबारी हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार को चांदी 2.02 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर टिकी हुई थी। रिकॉर्ड स्तरों से लगातार फिसल रही चांदी के लिए यह 10 महीने से अधिक समय का सबसे निचला स्तर बन गया है। इससे पूर्व पिछले साल 16 दिसंबर को चांदी का भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था, जिसके बाद कीमतों में लंबी तेजी देखी गई थी।
सोने के भाव भी ₹500 लुढ़के, मांग में नरमी
चांदी में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सोने की चमक भी कुछ फीकी पड़ी। राष्ट्रीय राजधानी में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले मानक सोने का भाव 500 रुपये प्रति 10 ग्राम टूट गया। इस गिरावट के बाद दिल्ली में सोना 1,45,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर सिमट गया, जबकि सोमवार को यह 1,46,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। खुदरा बाजार में निवेशकों और आभूषण निर्माताओं की सीमित खरीदारी से भाव लगातार दबाव में बने हुए हैं।
वैश्विक रुझान और मजबूत अमेरिकी डॉलर का असर
घरेलू बाजार में आई इस मंदी के पीछे अंतरराष्ट्रीय संकेतों की अहम भूमिका मानी जा रही है। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट और वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, विदेशी बाजारों में सोने और चांदी में जारी बिकवाली तथा अमेरिकी डॉलर की मजबूती घरेलू कीमतों पर लगातार भारी पड़ रही है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में भी सोने के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निकट भविष्य में इसका दायरा 1.40 लाख रुपये से लेकर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच सीमित रहने की संभावना है।
वैश्विक कमोडिटी एक्सचेंजों पर हाजिर सोने का भाव हल्की गिरावट के साथ 4011.44 डॉलर प्रति औंस पर देखा गया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसका भाव फिसलकर 53.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
औद्योगिक मांग में कमजोरी और तकनीकी दबाव
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के विश्लेषण के अनुसार, मौजूदा समय में चांदी का प्रदर्शन सोने के मुकाबले काफी कमजोर साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 54 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसलने के बाद चांदी पर बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। दुनिया भर में औद्योगिक मांग को लेकर जारी अनिश्चितताओं के कारण चांदी लगभग 11 महीने के न्यूनतम स्तरों पर कारोबार कर रही है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक पर टिकी निगाहें
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का मानना है कि वैश्विक कारोबारी इस समय बेहद सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 28 अक्टूबर को प्रस्तावित मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक से पहले बड़ा जोखिम लेने से निवेशक बच रहे हैं। इस बैठक में फेडरल फंड्स रेट से जुड़े फैसले के साथ-साथ फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के नीतिगत बयान सामने आएंगे, जो आने वाले समय में सोने और चांदी के वैश्विक रुझान की दिशा निर्धारित करेंगे।



















