हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला मुख्यालय में उपजे तनाव के सिलसिले में सुरक्षाबलों ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों पक्षों के एक दर्जन लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। नाहन कस्बे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के इरादे से प्रशासन ने निषेधाज्ञा लगा रखी है, जिसके तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के प्रतिबंध 26 अक्टूबर की संध्या से प्रभावी होकर 29 अक्टूबर तक लागू रहेंगे। इस बीच पंजाब से पहुंचे सामाजिक व धार्मिक प्रतिनिधियों ने दोनों गुटों के बीच सुलह कराने और आपसी तालमेल बहाल करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं।
गिरफ्तारियों का सिलसिला और पुलिस की पूछताछ
सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने पुष्टि की है कि उपद्रव भड़काने के आरोप में दोनों पक्षों से जुड़े 12 लोगों को देर रात गिरफ्तार किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटनाक्रम की गहन छानबीन जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। इससे पहले सदर थाना नाहन की टीम ने 27 अक्टूबर की शाम दोनों पक्षों के 10 से 12 संदिग्धों को थाने तलब किया था, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल पूरी होने के बाद कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
गेट मरम्मत से शुरू हुआ था टकराव
स्थानीय स्तर पर उपजे इस विवाद की जड़ वाल्मीकि गेट के जीर्णोद्धार का काम था। इस निर्माण कार्य को लेकर दो अलग-अलग मोहल्लों के निवासियों के बीच असहमति पैदा हो गई थी। देखते ही देखते यह तनातनी 23 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती से ठीक दो दिन पहले भीषण हिंसक रूप ले बैठी। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर फेंके गए, जिससे सड़क पर भगदड़ मच गई।
उपद्रवियों ने न केवल एक कबाड़ के गोदाम में आग लगा दी, बल्कि मौके पर पहुंचे तहसीलदार के सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव और झड़प के दौरान इलाके के थाना प्रभारी (एसएचओ) सहित करीब 14 नागरिक और पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। हालांकि, व्यापक पुलिस बंदोबस्त के बीच 26 अक्टूबर को वाल्मीकि जयंती की शोभायात्रा बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा ली गई थी।
पंजाब से पहुंचे प्रतिनिधियों ने की भाईचारे की अपील
पड़ोसी राज्य पंजाब से कुछ संगठनों के नाहन पहुंचने के आह्वान के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर धारा 163 लागू की थी, ताकि कोई बाहरी तत्व माहौल न बिगाड़ सके। मंगलवार को पंजाब बुड्ढा दल के जत्थेदार अवतार सिंह तथा वाल्मीकि तीर्थ अमृतसर के महासचिव बिल्लू वाल्मीकि नाहन पहुंचे और प्रेस वार्ता की।
"दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक बैठकर मसले का हल निकालना चाहिए ताकि आपसी सौहार्द न बिगड़े।"
दोनों प्रतिनिधियों ने आम जनता से उकसावे में न आने और शांति बनाए रखने का आग्रह किया। इधर नगर की सीमाओं पर पुलिस का पहरा सख्त कर दिया गया है। मंगलवार सुबह से नाहन में प्रवेश करने वाली प्रत्येक गाड़ी की सघन तलाशी ली जा रही है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।






















