घरेलू विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्पाइसजेट के सामने नई परिचालन और वित्तीय चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उड़ानों में लगातार हो रही देरी और परिचालन से जुड़ी खामियों को देखते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन की गहन स्क्रूटनी शुरू कर दी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उड़ानों के संचालन और रखरखाव में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो तथा आम यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्री सुरक्षा और नियामक समीक्षा के दायरे में एयरलाइन
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार का सबसे पहला दायित्व यात्रियों की सुरक्षा की गारंटी देना और उनकी असुविधा को दूर करना है। उन्होंने बताया कि डीजीसीए की टीम एयरलाइन के परिचालन ढांचे की बारीकी से पड़ताल कर रही है और साथ ही उसकी वित्तीय स्थिति की भी सीमित समीक्षा की जा रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय लगातार कंपनी के संपर्क में बना हुआ है, हालांकि मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि एक निजी विमानन कंपनी के आंतरिक और रोजमर्रा के कामकाज में सरकारी दखल की कानूनी सीमाएं तय हैं।
घरेलू बाजार में हिस्सेदारी घटकर 1.6 प्रतिशत पर पहुंची
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक स्पाइसजेट की घरेलू बाजार हिस्सेदारी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। चालू वर्ष में फरवरी के दौरान कंपनी की हिस्सेदारी 3.9 प्रतिशत पर थी, जो जून में गिरकर 1.9 प्रतिशत रह गई। जुलाई के नवीनतम आंकड़ों में यह हिस्सेदारी और सिमटकर महज 1.6 प्रतिशत पर आ गई है। कुछ ही महीनों के भीतर बाजार में आई इस लगातार गिरावट ने कंपनी के परिचालन संकट को गहरा कर दिया है। इसके अलावा कंपनी आंतरिक स्तर पर नकदी संकट से जूझ रही है, जहां वेतन भुगतान में रुकावटें आई हैं और कुछ कर्मियों को मई से वेतन न मिलने की स्थिति बनी हुई है।
सरकारी योजना से ₹150 करोड़ की वित्तीय मदद
विमानन क्षेत्र में बाहरी संकटों के असर को कम करने के लिए सरकार ने जरूरी कदम उठाए हैं। नायडू ने जानकारी दी कि पश्चिम एशिया संकट के चलते पैदा हुई दिक्कतों से निपटने के लिए आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का दायरा बढ़ाया गया था। इस योजना के प्रावधानों के अंतर्गत स्पाइसजेट को ₹150 करोड़ की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है। सरकार का प्रयास है कि उड़ानों का नेटवर्क बना रहे और विमानन सेवाओं में अचानक कोई बड़ा व्यवधान न आए।
शीतकालीन सत्र में 20 नए विमान जोड़ने की रणनीति
मौजूदा दबाव के बीच एयरलाइन ने अपने बेड़े को मजबूत करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए योजना बनाई है। कंपनी ने 3 सितंबर को तीन विमान पट्टा प्रदाताओं के साथ लीज समझौतों को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। इस विस्तार के तहत आगामी विंटर शेड्यूल के दौरान कुल 20 विमान शामिल किए जाएंगे। इन नए विमानों में 15 बोइंग और 5 एयरबस शामिल हैं, जिनसे कंपनी को उड़ानों के समय पालन में सुधार और परिचालन सामान्य करने की उम्मीद है।


















