वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और ईंधन के दामों में जारी उछाल के बीच सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी विमान ईंधन (एटीएफ) और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ताजा इजाफा कर दिया है। रविवार से लागू हुई नई दरों के तहत विमान ईंधन की कीमतों में 1.37 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। इस नए संशोधन के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विमान ईंधन की दर 137.12 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर अब 138.50 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है। यह लगातार चौथा महीना है जब विमानन कंपनियों को महंगे ईंधन की मार झेलनी पड़ रही है।
विमानन उद्योग पर बढ़ेगा परिचालन लागत का भारी बोझ
विमान ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहा यह इजाफा देश के विमानन क्षेत्र के लिए बड़ी चिंता का सबब बन चुका है। नवंबर की इस बढ़ोतरी से पहले 1 अक्टूबर को एटीएफ की दरों में 16 रुपये प्रति लीटर की बहुत बड़ी वृद्धि की गई थी। वहीं, इससे पूर्व सितंबर के महीने में 6.28 रुपये प्रति लीटर और अगस्त में 5 रुपये प्रति लीटर की दर से कीमतें बढ़ाई गई थीं। किसी भी एयरलाइन कंपनी के कुल संचालन खर्च में अकेले ईंधन का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत होता है। चार महीनों से लगातार जारी इस मूल्य वृद्धि के कारण विमानन कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन और कुल परिचालन लागत पर वित्तीय दबाव काफी तेज हो गया है।
19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम लगातार तीसरे महीने चढ़े
ईंधन दरों की इस समीक्षा में केवल विमानन क्षेत्र ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी प्रभावित हुए हैं। होटल, ढाबों और रेस्टोरेंटों में इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस संशोधन के बाद अब दिल्ली में 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2820 रुपये हो गई है। व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के दाम भी लगातार तीसरे महीने बढ़ाए गए हैं। इससे पहले कंपनियों ने अक्टूबर में कमर्शियल सिलेंडर पर 62.50 रुपये और सितंबर में 9.50 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की थी। हालांकि, इससे पहले राहत का दौर भी देखा गया था, जब अगस्त में इसके दाम 192 रुपये और जुलाई में 183.50 रुपये घटाए गए थे।
रिकॉर्ड स्तरों से गुजरा है कमर्शियल गैस का बाजार
चालू वर्ष के दौरान कमर्शियल गैस के मूल्यों में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। जून के महीने में अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आई तेजी और आपूर्ति श्रृंखला की गंभीर बाधाओं के चलते 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के भाव रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गए थे। फरवरी से लेकर जून के पांच महीनों के भीतर इस कमर्शियल सिलेंडर की दरों में कुल मिलाकर 1373 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई थी, जिससे इसकी कीमत 1740.50 रुपये से सीधे छलांग लगाकर 3113.50 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। बाद के महीनों में कुछ कटौती के बावजूद पिछले तीन महीनों से यह आंकड़ा फिर से ऊपर की ओर बढ़ रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं, पेट्रोल और डीजल के मोर्चे पर यथास्थिति कायम
व्यावसायिक मोर्चे पर कीमतों में तेजी के विपरीत आम घरेलू उपभोक्ताओं को इस बार भी राहत मिली है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसकी दर 942 रुपये पर स्थिर रखी गई है। इसी के साथ आम वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र को भी राहत जारी है, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की मौजूदा खुदरा कीमतों में भी किसी प्रकार का फेरबदल नहीं किया गया है।

















