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त्योहारी मांग से सरकारी खजाने में उछाल, अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 2.30 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचाव्यापार
1 नव॰ 2026, 1:01 pm (1 घंटे पहले)· 0

त्योहारी मांग से सरकारी खजाने में उछाल, अक्टूबर में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 2.30 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा

त्योहारी सीजन में खपत बढ़ने से अक्टूबर महीने में वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 2.30 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें पिछले वर्ष के इसी महीने के मुकाबले लगभग 23 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

त्योहारी सीजन के शुरू होते ही उपभोक्ता मांग में आई तेजी का सीधा असर सरकारी राजस्व पर दिखाई देने लगा है। वित्त मंत्रालय द्वारा 1 नवंबर को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में कुल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह 2.30 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वर्ष के अक्टूबर महीने की तुलना में यह वसूली लगभग 23 फीसदी अधिक रही है, जो आर्थिक गतिविधियों में तेज हलचल और बेहतर टैक्स अनुपालन को दर्शाती है।

त्योहारी खरीदारी और मजबूत राजस्व प्रवाह

अर्थव्यवस्था में अक्टूबर का महीना बड़े त्योहारों की तैयारियों और खुदरा बाजार में बढ़ती खरीदारी का साक्षी रहा है। इलेक्ट्रॉनिक सामान, ऑटोमोबाइल, परिधान और अन्य उपभोक्ता उत्पादों की व्यापक बिक्री ने अप्रत्यक्ष कर प्राप्तियों को मजबूत आधार प्रदान किया। बाजार में उपभोक्ता खर्च की रफ्तार बढ़ने के कारण मासिक कर आवक में यह महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है।

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आर्थिक मजबूती और व्यापक टैक्स आधार

सालाना आधार पर दर्ज की गई 23 प्रतिशत की यह वृद्धि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र दोनों में निरंतर विस्तार का संकेत देती है। वाणिज्यिक गतिविधियों में आई तेजी और डिजिटल लेन-देन के बढ़ते उपयोग ने कर आधार को विस्तार दिया है। 1 नवंबर को सामने आए इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में राजकोषीय स्थिति को मजबूत सहारा मिल रहा है।

सवाल-जवाब

अक्टूबर महीने में कुल कितना वस्तु एवं सेवा कर संग्रह हुआ है?
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर में कुल कर संग्रह 2.30 लाख करोड़ रुपये रहा है।
पिछले साल के मुकाबले इस बार संग्रह में कितने प्रतिशत की वृद्धि हुई है?
पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में इस बार लगभग 23 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यह आधिकारिक आंकड़े किस तारीख को जारी किए गए?
वित्त मंत्रालय द्वारा यह राजस्व आंकड़े 1 नवंबर को सार्वजनिक किए गए हैं।
अक्टूबर के महीने में कर संग्रह में इस उछाल का मुख्य कारण क्या रहा?
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ खुदरा बाजार में बढ़ी मांग और खरीदारी इस राजस्व उछाल की मुख्य वजह रही।
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