यूरोपीय संघ में सख्त प्राइवेसी नियमों के लागू होने के बाद सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के विज्ञापन कारोबार की रफ्तार सुस्त पड़ने लगी है। सितंबर में समाप्त हुई तीन महीने की अवधि के दौरान यूरोप में कंपनी की विज्ञापन कमाई में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा मेटा के वैश्विक प्रदर्शन और खासतौर पर अमेरिका तथा कनाडा के 33 प्रतिशत की विकास दर के मुकाबले काफी पीछे छूट गया है। यूरोपीय बाजार में यह लगातार तीसरी तिमाही रही जब विज्ञापनों से होने वाली आय की गति में गिरावट देखी गई है।
लगातार घटती विकास दर और नियामकीय दबाव
यूरोपीय महाद्वीप में मेटा के विज्ञापन कारोबार में सुस्ती का यह दौर चालू वर्ष की शुरुआत से ही जारी है। इससे पिछली दो तिमाहियों में भी कंपनी की विज्ञापन विकास दर लगभग 40 प्रतिशत से गिरकर 24 प्रतिशत पर आ चुकी थी। इसके बिल्कुल उलट, अमेरिका और कनाडा के बाजारों में इसी अवधि के दौरान विज्ञापन वृद्धि 30 प्रतिशत से सुधरकर 31 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। वित्तीय बाजार विश्लेषक इस पूरे बदलाव को यूरोपीय संघ के कड़े नियमों से जोड़कर देख रहे हैं। बाजार विश्लेषण फर्म रोथ्सचाइल्ड एंड कंपनी रेडबर्न के इक्विटी रिसर्च डायरेक्टर डोमिनिक बॉल ने बताया, "हमारा मानना है कि यूरोपीय संघ का मुफ्त, पर्सनलाइज्ड विज्ञापन विकल्प यूरोप में आई इस मंदी की बड़ी वजह है।"
कम पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों का नया विकल्प और भारी जुर्माना
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब यूरोपीय नियामकों ने मेटा को डिजिटल मार्केट्स एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी ठहराया। नियामकों का कहना था कि कंपनी को अपने ग्राहकों को ऐसी समकक्ष सेवा का विकल्प देना चाहिए जो उनके निजी डेटा का बहुत कम इस्तेमाल करती हो। इस मामले में नियामकों ने मेटा पर 200 मिलियन यूरो का बड़ा जुर्माना भी लगाया था। इससे पहले नवंबर 2023 में कंपनी ने एक सशुल्क विज्ञापन-मुक्त मॉडल पेश किया था, जिसमें व्यक्तिगत डेटा शेयर न करने की इच्छा रखने वाले यूरोपीय उपयोगकर्ताओं से शुल्क वसूला जाता था। हालांकि, यूरोपीय आयोग ने साफ किया कि यह तरीका कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतरता। इसके बाद कंपनी ने चालू वर्ष की शुरुआत में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर कम पर्सनलाइज्ड विज्ञापन (LPA) का नया विकल्प रोलआउट किया। मेटा ने अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया है कि कितने उपयोगकर्ताओं ने इस विकल्प को चुना है।
डेटा की कमी से विज्ञापनदाताओं को हो रहा नुकसान
मेटा के अनुसार, यह नया विकल्प सामान्य पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत कम निजी डेटा का उपयोग करता है। इसमें यूजर्स को सिर्फ उनके मौजूदा ब्राउजिंग सेशन की गतिविधियों, उम्र, लोकेशन और लिंग जैसे बेहद सीमित विवरणों के आधार पर ही विज्ञापन दिखाए जाते हैं। यूरोप में नियामकीय फैसले के जवाब में कंपनी ने स्पष्ट किया था कि इस व्यवस्था से विज्ञापनदाताओं को मिलने वाले रिटर्न में कमी आती है। कम पर्सनलाइज्ड विज्ञापन तकनीकी रूप से कम प्रभावी साबित होते हैं, जिसके चलते खरीदारियों में कमी आती है। साथ ही यूजर्स अप्रासंगिक या बार-बार दिखने वाले विज्ञापनों को बंद कर देते हैं। हालिया वित्तीय नतीजों से यह भी सामने आया है कि यूरोपीय बाजार में विज्ञापनदाता प्रति विज्ञापन जो कीमत चुकाने को तैयार हैं, उसमें अमेरिका और कनाडा जितनी तेजी नहीं आ रही है।
भविष्य की रणनीति और एआई पर बड़ा दांव
इस मंदी के बावजूद कंपनी नेतृत्व को आगे चलकर सुधार की उम्मीद है। मुख्य वित्तीय अधिकारी सुसान ली ने जुलाई के दौरान ही इस प्रभाव को लेकर आगाह किया था कि कम पर्सनलाइज्ड विज्ञापनों का पूरा असर दिखने के बाद कंपनी के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। निवेशकों से बातचीत में उन्होंने भरोसा दिलाया कि विज्ञापनों की दक्षता और कन्वर्जन दर बढ़ाने के लिए कंपनी के पास काफी अवसर हैं। मेटा अपने सिफारिशी एल्गोरिदम को लगातार बेहतर बनाने पर काम कर रही है। विश्लेषकों का भी मानना है कि कम डेटा सिग्नल्स मिलने के बावजूद मेटा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके यूरोपीय क्षेत्र में टार्गेटिंग को मजबूत कर सकती है।
निवेशकों की गहरी दिलचस्पी पिछले महीने पेश किए गए कंपनी के पर्सनल एआई एजेंट म्यूज को लेकर भी रही। ली ने स्पष्ट किया कि म्यूज का इस्तेमाल करने वाले लोगों में खरीदारी को लेकर मजबूत इरादे देखे जा रहे हैं। यूजर्स इस एआई के जरिए उत्पादों की सिफारिशें मांग रहे हैं, विकल्पों पर शोध कर रहे हैं और कीमतों की तुलना कर रहे हैं। कंपनी का इरादा आने वाले समय में इस एआई प्रोडक्ट के जरिए विज्ञापन बाजार से नई कमाई हासिल करने का है।

















