श्रीनगर में उमर अब्दुल्ला मंत्रिमंडल का विस्तार, चार नए विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथमणिपुर में मेरा हाउ चोंगबा पर्व पर जुटीं पहाड़ी और घाटी की जातियां, शांति और भाईचारे पर जोरगुजरात की अदालत ने गोहत्या मामले में तीन दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजात्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मल्लिकार्जुन खर्गे के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, बिना शर्त माफी की मांगजम्मू रेलवे स्टेशन के बाहर शिवा मार्केट में भीषण अग्निकांड, 35 से ज्यादा दुकानें और एक होटल जलकर खाककश्मीरी पंडित कार्यकर्ता राकेश हांडू फरीदाबाद से गिरफ्तार, साइबर-आतंकवाद का है मामलामणिपुर में सुरक्षा बलों ने इम्फाल पूर्व में हथियारों का जखीरा पकड़ा, अलग से ड्रग्स जब्ती में दो गिरफ्तारअसम में बड़ा अभियान, पुलिस और संगठनों ने 26 कुत्तों को अवैध मांस कारोबार से बचायापंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पर लगाया 1 लाख का जुर्माना, डीए एरियर मामले में कड़ा रुखपश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौत
नीट यूजी परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी, पेन-पेपर की जगह ऑनलाइन कंप्यूटर पर देने होंगे जवाबकरियर
14 सित॰ 2026, 11:23 am (45 दिन पहले)· 1

नीट यूजी परीक्षा पैटर्न में बड़े बदलाव की तैयारी, पेन-पेपर की जगह ऑनलाइन कंप्यूटर पर देने होंगे जवाब

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने इस बात के संकेत दिए हैं ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।

देशभर के मेडिकल उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जल्द ही देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी के पैटर्न में भारी फेरबदल करने जा रही है। इस बदलाव के तहत पारंपरिक पेन और पेपर आधारित ओएमआर शीट व्यवस्था को हमेशा के लिए विदाई दी जा सकती है और परीक्षार्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर ऑनलाइन माध्यम से सवालों के जवाब देने होंगे।

ऑनलाइन मोड की तरफ बढ़ने की वजह

इस बड़े कदम के पीछे मुख्य मकसद परीक्षा प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना और किसी भी प्रकार की धांधली या गड़बड़ी को पूरी तरह से समाप्त करना है। पिछले दिनों नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और विवादों के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाने का फैसला किया था। इसी स्थिति से निपटने के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में एक उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था, जो देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

ये भी पढ़ें

सीबीटी मोड के फायदे और चुनौतियां

पारंपरिक पेन और पेपर फॉर्मेट वाली परीक्षाओं में अक्सर पेपर लीक होने, ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ करने और परीक्षा केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके विपरीत, कंप्यूटर आधारित टेस्ट में एन्क्रिप्टेड प्रश्न, डिजिटल लॉग्स और सख्त सर्वर सुरक्षा के कारण लीक होने की संभावनाएं लगभग शून्य हो जाती हैं। हालांकि, देश भर में लाखों छात्रों की संख्या को देखते हुए इतने बड़े स्तर पर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटर लैब तैयार करना एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी अन्य प्रमुख परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन मोड में सफलतापूर्व आयोजित की जा रही हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक स्तर की तकनीक

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी केवल ऑनलाइन प्रणाली तक ही सीमित नहीं रहना चाहती है, बल्कि वह परीक्षा की सुरक्षा को और चाक-चौबंद करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी विशेष जोर दे रही है। परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी प्रकार की नकल या धोखाधड़ी रोकने के वास्ते एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम और उन्नत डेटा एनालिटिक्स की मदद ली जाएगी। इसके अलावा, भारत अपनी घरेलू परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के बाद ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर वैश्विक स्तर पर क्रॉस-बॉर्डर परीक्षाएं आयोजित करने की दिशा में भी विचार कर रहा है और चीन की प्रसिद्ध गाओकाओ परीक्षा जैसी कठिन व्यवस्थाओं से सीख लेकर तकनीकी सुरक्षा को मजबूत कर रहा है।

सवाल-जवाब

नीट यूजी परीक्षा को किस मोड में शिफ्ट किया जा रहा है?
नीट यूजी परीक्षा को पारंपरिक पेन-पेपर मोड से हटाकर ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में शिफ्ट किया जा रहा है।
इस बदलाव की घोषणा किसने की है?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने इस बदलाव के साफ संकेत दिए हैं।
परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए किस टास्क फोर्स का गठन किया गया था?
इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अगुवाई में उच्चाधिकार प्राप्त टास्क फोर्स का गठन किया गया था।
ऑनलाइन मोड में परीक्षा कराने का मुख्य कारण क्या है?
परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करना इसका मुख्य कारण है।
कौन सी अन्य परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन आयोजित हो रही हैं?
जेईई मेन, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी परीक्षाएं पहले ही ऑनलाइन सीबीटी मोड में आयोजित हो चुकी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp