पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव पर लगाया 1 लाख का जुर्माना, डीए एरियर मामले में कड़ा रुखपश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल हत्याकांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर, अस्पताल में मौतपश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल का मामला, बागुईआटी थाने में शिकायत दर्जराशिफल 29 अक्टूबर: उच्च के चंद्रमा के प्रभाव से 8 राशियों की बदलेगी किस्मत, हर तरफ से मिलेंगे लाभ के संकेतमिजोरम पुलिस ने सितंबर में पकड़े 29 तस्कर, 77 करोड़ रुपये से ज्यादा के नशीले पदार्थ जब्तबिक्रम सिंह मजीठिया की कानूनी मुश्किलें गहरी, आय से अधिक संपत्ति मामले में दाखिल हुई सप्लीमेंट्री चार्जशीटसीवर और सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को मिलेगा 30 लाख मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देशमूलांक 4 दैनिक अंकज्योतिष 29 अक्टूबर: डिजिटल लेन-देन में बरतें सावधानी, जल्दबाजी से बचेंमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए धारा 18 बनी ढाल, सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग ने रखा अपना पक्षचार राज्यों के विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारा झटका, बीजेपी और सपा का दबदबा
असम में बड़ा अभियान, पुलिस और संगठनों ने 26 कुत्तों को अवैध मांस कारोबार से बचायाअसम
29 अक्तू॰ 2026, 5:10 am (3 मिनट पहले)· 0

असम में बड़ा अभियान, पुलिस और संगठनों ने 26 कुत्तों को अवैध मांस कारोबार से बचाया

असम पुलिस और चार पशु कल्याण संगठनों ने कार्बी आंगलोंग जिले में एक ट्रक को रोककर 26 कुत्तों को अवैध मांस व्यापार से मुक्त कराया।

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में एक बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार पशु कल्याण संगठनों के साथ मिलकर कुल 26 कुत्तों को बचाया है। इन मूक प्राणियों को कथित तौर पर अवैध मांस व्यापार के लिए एक ट्रक में भरकर ले जाया जा रहा था। बुधवार को जारी किए गए आधिकारिक बयानों के अनुसार, ये सभी कुत्ते असम के विभिन्न इलाकों से चुराए गए थे, जिन्हें बेरहमी से जूट के बोरों में ठूंसकर रखा गया था और उनके मुंह कसकर बांधे गए थे।

बचाव अभियान और संगठनों की भूमिका

इस संयुक्त बचाव अभियान को सफल बनाने में जस्ट बी फ्रेंडली, ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया, यूसीआई फाउंडेशन और अनाजोरी नामक संगठनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सभी ने स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर इस अवैध परिवहन को बीच रास्ते में ही रोक लिया।

ये भी पढ़ें

अस्पताल और पुनर्वास की व्यवस्था

ट्रक से मुक्त कराने के तुरंत बाद इन सभी कुत्तों को कार्बी आंगलोंग के पशु चिकित्सा विभाग की निगरानी में पुलिस हिरासत में रखा गया था। इसके कुछ घंटों के भीतर ही उन्हें गुवाहाटी स्थित जस्ट बी फ्रेंडली के इंटीग्रेटेड केयर एंड रिसोर्स सेंटर फॉर एनिमल वेलफेयर में सुरक्षित पहुंचा दिया गया, जहां वर्तमान में उनका इलाज और देखभाल की जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद स्थानीय संगठन गोद लेने की प्रक्रिया के जरिए इनके लिए स्थायी घरों की तलाश करेंगे।

मांस व्यापार का व्यापक नेटवर्क

मानव कल्याण और पशु अधिकार संगठनों द्वारा किए गए अध्ययनों से यह सामने आया है कि हर साल असम की सड़कों से हजारों की संख्या में कुत्ते चुराए जाते हैं। इन्हें राज्य की सीमाओं से पार ले जाकर मिजोरम और नागालैंड जैसे पड़ोसी राज्यों में मांस के कारोबार के लिए सप्लाई किया जाता है। इस तरह की अवैध गतिविधियों से पशु कल्याण पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं और इनकी रोकथाम के लिए कड़े प्रशासनिक कदमों की आवश्यकता महसूस की जाती है।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं

ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया की सीनियर डायरेक्टर केरेन नजारथ ने इस ऑपरेशन को एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब इतने सारे संगठनों ने पुलिस के साथ मिलकर इस तरह का साझा अभियान चलाया है। जस्ट बी फ्रेंडली के संस्थापक डॉक्टर शशांक दत्ता ने जानकारी दी कि यह उनकी संस्था का इस साल का तीसरा ऐसा अभियान है, जिसके बाद कुल बचाए गए कुत्तों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है। उन्होंने लोगों से आगे आकर इन बेसहारा जानवरों को गोद लेने की अपील की है।

व्यापार से जुड़े लोगों का पुनर्वास

संगठन केवल बचाव कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागालैंड में इस व्यापार से जुड़े लोगों को वैकल्पिक आजीविका के अवसर भी प्रदान कर रहा है। इस साल 50 से अधिक वेंडर स्वेच्छा से इस कारोबार को छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं। इसके अलावा पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को प्रशिक्षित करने का काम भी चल रहा है ताकि ऐसे अवैध परिवहन को समय रहते रोका जा सके।

सवाल-जवाब

कितने कुत्तों को बचाया गया है?
इस ऑपरेशन के दौरान कुल 26 कुत्तों को सुरक्षित बचाया गया है।
यह कार्रवाई कहां की गई?
यह कार्रवाई असम के कार्बी आंगलोंग जिले में एक ट्रक को रोककर की गई।
बचाए गए कुत्तों को अब कहां रखा गया है?
कुत्तों को गुवाहाटी में जस्ट बी फ्रेंडली के पशु कल्याण केंद्र में रखा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस अभियान में कौन-कौन से संगठन शामिल थे?
इसमें जस्ट बी फ्रेंडली, ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल्स इंडिया, यूसीआई फाउंडेशन और अनाजोरी संगठन शामिल थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp