उच्च शिक्षा के नाम पर भारी-भरकम फीस चुकाने का चलन अब बदल रहा है। कई छात्र और अभिभावक इस भ्रम में रहते हैं कि मोटी सैलरी पाने के लिए किसी महंगी प्राइवेट यूनिवर्सिटी से बड़ी डिग्री होना अनिवार्य है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बच्चों की पढ़ाई का भारी खर्च उठाना अक्सर बड़ी चुनौती बन जाता है। लेकिन वर्तमान जॉब मार्केट का सच इससे काफी अलग है, जहां कंपनियों को भारी-भरकम कागजी डिग्रियों के मुकाबले व्यावहारिक ज्ञान और वास्तविक कौशल की ज्यादा तलाश रहती है।
यदि आपके पास सही हुनर है, तो मामूली लागत वाले शॉर्ट-टर्म या डिप्लोमा कोर्स भी आपको अच्छी कमाई का अवसर दिला सकते हैं। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, आईटीआई और कई प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान ऐसे पाठ्यक्रम संचालित कर रहे हैं जिनकी फीस बेहद कम होती है। यहां देश के पांच ऐसे बेहद किफायती कोर्स के बारे में बताया गया है जो आपकी जेब पर बोझ डाले बिना आपके करियर को नई दिशा दे सकते हैं। इन विकल्पों को चुनने के बाद आपको बैंक से भारी कर्ज लेने या संपत्ति गिरवी रखने की कोई आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
1. डिजिटल मार्केटिंग
आज के दौर में हर छोटा और बड़ा व्यापार डिजिटल माध्यमों की ओर रुख कर रहा है। यही वजह है कि बाजार में डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। सरकारी संस्थानों या विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों के जरिए यह प्रशिक्षण शून्य से लेकर पांच से दस हजार रुपये तक की मामूली लागत में पूरा किया जा सकता है। इस पाठ्यक्रम के तहत सोशल मीडिया प्रबंधन, विज्ञापन रणनीतियों और सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन से जुड़े हुनर सिखाए जाते हैं। इस कौशल को हासिल करने के बाद आप किसी कॉरपोरेट संस्थान में नौकरी पा सकते हैं या घर बैठे स्वतंत्र रूप से काम करके भी अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
2. डेटा एनालिटिक्स और बेसिक कोडिंग
यदि आपकी रुचि कंप्यूटर और तकनीकी क्षेत्रों में है, तो चार साल की महंगी बीटेक डिग्री के बिना भी आप आईटी सेक्टर में कदम रख सकते हैं। सरकारी पोर्टलों जैसे स्वयं या सी-डैक पर छह महीने से एक साल की अवधि वाले डेटा एनालिटिक्स और पाइथन डिप्लोमा पाठ्यक्रम बेहद कम फीस पर उपलब्ध हैं। मौजूदा बाजार में कुशल डेटा एनालिस्ट्स की खासी कमी बनी हुई है। इस वजह से इस कोर्स को पूरा करते ही शुरुआती स्तर पर ही पच्चीस से पैंतीस हजार रुपये प्रति माह तक की सैलरी वाली नौकरियां आसानी से मिल जाती हैं।
3. आईटीआई और तकनीकी ट्रेड्स
दसवीं या बारहवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद व्यावहारिक कामकाज सीखकर कमाई शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए सरकारी आईटीआई बेहतरीन विकल्प हैं। नाममात्र की यानी लगभग एक से तीन हजार रुपये की फीस चुकाकर आप इलेक्ट्रीशियन, एसी और आरएसी टेक्नीशियन या ड्राफ्ट्समैन जैसे हुनर सीख सकते हैं। इन पाठ्यक्रमों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इनके जरिए भारतीय रेलवे, ओएनजीसी और बिजली बोर्ड जैसे विभागों में सरकारी नौकरियों के द्वार खुलने के साथ-साथ खुद का काम शुरू करने का अवसर भी तुरंत मिल जाता है।
4. मेडिकल लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल डिप्लोमा
हेल्थकेयर सेक्टर एक ऐसा क्षेत्र है जो कभी मंद नहीं पड़ता। डॉक्टर बनने की राह में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों से एक से दो साल का डीएमएलटी यानी डिप्लोमा इन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी या रेडियोलॉजी डिप्लोमा बहुत कम खर्च में पूरा हो जाता है। रक्त जांच, एक्स-रे और डायग्नोस्टिक सेंटर्स पर इन प्रशिक्षित तकनीशियनों की जरूरत देश के हर शहर और अस्पताल में लगातार बनी रहती है।
5. वेब डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइन
हर आधुनिक तकनीक आधारित कंपनी को अपनी वेबसाइट और एप्लीकेशन का इंटरफेस तैयार करने के लिए डिजाइनर्स की जरूरत होती है। सरकारी कौशल विकास केंद्रों या ऑनलाइन माध्यमों के जरिए तीन से छह महीने का वेब डिजाइनिंग या ग्राफिक्स से जुड़ा कोर्स कुछ ही हजार रुपये में पूरा किया जा सकता है। इस क्षेत्र में मिलने वाली सैलरी पूरी तरह आपकी सृजनात्मकता पर निर्भर करती है और जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता जाता है, आपकी आमदनी भी तेजी से ऊपर उठती है। करियर को ऊंचाई देने के लिए भारी फीस नहीं बल्कि सही मार्ग और कौशल की आवश्यकता होती है।



















