छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नगर निगम में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के पद पर तैनात अमर सिंह चौहान ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उनके कमरे से पुलिस को दो पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।
हाल ही में हुआ था जगदलपुर ट्रांसफर
जानकारी के मुताबिक, अमर सिंह चौहान का कुछ समय पहले ही जगदलपुर ट्रांसफर हुआ था। शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि वह इस ट्रांसफर को लेकर मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है कि यही उनकी मौत की अंतिम वजह है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और बिना पूरे तथ्यों की पुष्टि किए किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
सुसाइड नोट में पत्नी के लिए भावुक अपील
मामले में सबसे अहम बात सुसाइड नोट की सामग्री है। नोट में अमर सिंह चौहान ने अपने ट्रांसफर से परेशान होने का जिक्र किया है। इसके अलावा उन्होंने अपनी पत्नी के नाम एक इमोशनल संदेश भी छोड़ा है। उन्होंने लिखा, माही, मुझे माफ करना। मेरे बारे में जो भी बोले, उसकी बात मत सुनना। इसके साथ ही नोट में कुछ और लोगों के नाम भी दर्ज हैं, जिनकी भूमिका को लेकर पुलिस पड़ताल कर रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित अपने ही घर में अमर सिंह चौहान ने फांसी लगाकर जान दी। बताया जा रहा है कि जान देने से पहले उन्होंने अपनी कलाई भी काट ली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कमरे से मिले सुसाइड नोट के साथ ही अन्य जरूरी सबूतों को भी सुरक्षित कर लिया गया है।
ईओडब्ल्यू से जुड़े पहलुओं पर भी नजर
पुलिस इस मामले में सिर्फ ट्रांसफर या पारिवारिक वजहों तक सीमित नहीं रुकी है, बल्कि ईओडब्ल्यू यानी आर्थिक अपराध जांच शाखा से जुड़े कुछ पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि मामले के हर पहलू की निष्पक्ष जांच होगी और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जाएगा।
परिजनों और सहकर्मियों से पूछताछ जारी
फिलहाल पुलिस अमर सिंह चौहान के परिजनों, सहकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उनका मोबाइल फोन, जरूरी दस्तावेज और अन्य सबूत भी जांच के दायरे में हैं। पूरी जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर अमर सिंह चौहान की मौत के पीछे असली वजह क्या थी।











