नया मकान तैयार करते समय दरवाजे और खिड़कियां लगवाने का चरण बेहद अहम होता है। इस दौरान सबसे बड़ा असमंजस यही रहता है कि आखिर किस प्रकार की सामग्री का चयन किया जाए, जो दिखने में भी आकर्षक लगे और समय की कसौटी पर भी खरी उतरे। वर्तमान समय में बाजार के भीतर लकड़ी के अलावा भी कई अन्य सामग्रियां बिकने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन टिकाऊपन और वित्तीय योजना के बीच संतुलन बनाते हुए सही विकल्प चुनना बेहद आवश्यक हो जाता है।
सागवान की लकड़ी का प्रीमियम विकल्प
जमशेदपुर क्षेत्र के काष्ठ एवं फर्नीचर मामलों के विशेषज्ञ मिथुन शर्मा का कहना है कि यदि आपके पास पर्याप्त वित्तीय संसाधन हैं और आप घर के द्वारों तथा झरोखों में सर्वोच्च श्रेणी की गुणवत्ता चाहते हैं, तो सागवान की लकड़ी सबसे उत्तम मानी जाती है। यह सामग्री अपनी असाधारण मजबूती तथा दीर्घायु के लिए विख्यात है। कायदे से सुखाई और उपचारित की गई सागवान की लकड़ी दशकों तक बिना किसी परेशानी के चल सकती है। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 5 से 6 हजार रुपये प्रति घन फीट के आसपास होती है, हालांकि इसमें लकड़ी की बनावट, मोटाई और माप के आधार पर फेरबदल देखने को मिल सकता है।
सीमित बजट के लिए वॉटरप्रूफ प्लाइवुड
यदि आपका बजट कुछ सीमित है और आप ऐसी सामग्री तलाश रहे हैं जो सामान्य काष्ठ की तुलना में सीलन और नमी के दुष्प्रभावों को बेहतर ढंग से झेल सके, तो बाजार में वॉटरप्रूफ प्लाइवुड का विकल्प भी मौजूद है। विशेषज्ञ के अनुसार, इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 हजार रुपये से शुरू हो जाती है। इस सामग्री का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे मनचाहे आकार और सांचों में आसानी से ढाला जा सकता है। इसका उपयोग केवल द्वारों और झरोखों तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू साज-सज्जा के अन्य फर्नीचर में भी इसे प्रमुखता से काम में लिया जाता है।
इस्तेमाल की जगह को परखना है जरूरी
मिथुन शर्मा का यह भी सुझाव है कि केवल दाम देखकर किसी भी काष्ठ या बोर्ड का चुनाव नहीं कर लेना चाहिए। खरीदारी से पहले यह परखना बहुत जरूरी है कि वह उत्पाद किस स्तर की गुणवत्ता का है और उसे घर के किस हिस्से में स्थापित किया जाना है। मिसाल के तौर पर, मकान के मुख्य प्रवेश द्वार के लिए ऐसी सामग्री की आवश्यकता होती है जो अत्यधिक मजबूत हो और मौसम के कड़े तेवरों को सहन कर सके। इसके विपरीत, भीतरी कमरों के द्वारों के लिए वित्तीय स्थिति के अनुसार अलग विकल्प चुने जा सकते हैं।
कई अन्य कारकों पर टिकी है मजबूती
विशेषज्ञ इस बात पर भी प्रकाश डालते हैं कि किसी भी द्वार या फ्रेम की उम्र केवल उसकी मूल गुणवत्ता पर ही निर्भर नहीं करती है। उसकी सीजनिंग यानी नमी सुखाने की प्रक्रिया, रासायनिक उपचार, उस पर होने वाली पॉलिश और उसकी सटीक फिटिंग भी बहुत मायने रखती है। यदि काष्ठ के अंदर अतिरिक्त नमी रह गई हो या उसे ठीक से संरक्षित न किया गया हो, तो बेहतरीन किस्म की लकड़ी में भी भविष्य में विकृति आ सकती है। यही वजह है कि निर्माण कार्य कराते समय किसी कुशल कारीगर और विश्वसनीय विक्रेता का सहयोग लेना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सही सामग्री का चयन करना।
निष्कर्ष के तौर पर, यदि आपका बजट बड़ा है और आप दीर्घकालिक मजबूती और प्रीमियम लुक की चाह रखते हैं, तो सागवान के पाटे पर विचार करना समझदारी होगी। वहीं दूसरी ओर, एक मध्यम बजट के भीतर वॉटरप्रूफ प्लाइवुड एक व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है। फिर भी, अंतिम निर्णय लेते समय घर की लोकेशन, वहां का स्थानीय मौसम, डिजाइन की आवश्यकता, उपयोग की बारंबारता और अपनी जेब का पूरा हिसाब-किताब जरूर ध्यान में रखना चाहिए।















