छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद कांग्रेस विधायक दल की एक उच्चस्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालातों और सामाजिक मुद्दों पर गहन मंथन किया गया, जिसके बाद सरकार को घेरने की रूपरेखा पूरी तरह से तैयार कर ली गई है। इस दौरान पार्टी के नवनिर्वाचित और अनुभवी वरिष्ठ विधायकों के बीच अनौपचारिक परिचय का दौर भी चला, जिससे सांगठनिक समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
विधानसभा सत्र और जनता के मुद्दे
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र की कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सबके सामने रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार कांग्रेस के विधायकों ने सदन के भीतर आम जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों को पूरी प्रमुखता और मुखरता के साथ उठाया है। डॉ. महंत ने जानकारी दी कि सत्र की पूरी कार्यवाही से प्रदेश प्रभारी को विस्तार से अवगत करा दिया गया है। उनके अनुसार, इस संवाद और चर्चा से सभी विधायकों में नया जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है तथा पार्टी भविष्य में भी जनहित की हर लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रदेश प्रभारी का संदेश और भावी आंदोलन
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने इस बैठक के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यद्यपि यह मुख्य रूप से एक परिचयात्मक बैठक थी, लेकिन इसमें राज्य की मौजूदा परिस्थितियों और जनता की तमाम समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी जनहित के इन ज्वलंत मुद्दों को केवल विधानसभा के चार दीवारों तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि आने वाले दिनों में इन तमाम विषयों को लेकर सदन से लेकर सड़क तक जोरदार आंदोलन किए जाएंगे, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
स्मार्ट मीटर और बिजली बिल का मुद्दा
बैठक में बिजली की समस्या को हर एक घर से जुड़ा हुआ सबसे बड़ा मुद्दा करार दिया गया। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि राज्य में स्मार्ट मीटर को जबरन अनिवार्य किया जा रहा है, जिसकी वजह से आम उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में लगभग 32 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बिलों में इस अप्रत्याशित उछाल के कारण आम जनता की जेब पर गहरा आर्थिक बोझ पड़ रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ मजबूती के साथ अपनी आवाज बुलंद करेगी।
वोट चोरी और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने वोट चोरी के पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर और लोकतंत्र पर प्रहार बताया। सुखदेव भगत ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के अवैध तरीकों के माध्यम से देश के आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीना जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संविधान के तहत प्रदत्त समानता का अधिकार यानी राइट टू इक्वैलिटी हमारे देश का सबसे महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग इस बुनियादी मौलिक अधिकार का हनन करने का काम कर रहे हैं।
आंदोलन और प्रदर्शन का औपचारिक ऐलान
इन तमाम गंभीर मुद्दों को आधार बनाते हुए कांग्रेस पार्टी ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन का खुला ऐलान कर दिया है। प्रदेश प्रभारी ने जानकारी दी कि वोट चोरी और अन्य जनविरोधी नीतियों के विरोध में कल एक व्यापक प्रदर्शन यानी डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए पार्टी के सभी विधायकों को अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों के जिला अध्यक्षों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कह दिया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में स्वयं सुखदेव भगत भी पूरी सक्रियता से शामिल होंगे। बैठक के अंत में कांग्रेस नेताओं ने यह भी तय किया कि आगामी बैठकों में इन सभी मुद्दों पर और अधिक विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा।



















