छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के विकास कार्यों, बुनियादी ढांचे और उच्च शिक्षा से लेकर सुरक्षा बलों की भर्ती तक कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार ने शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत और भर्ती होने वाले अतिथि व्याख्याताओं के लिए नियमों को संशोधित करते हुए राज्य के स्थानीय युवाओं को सीधी प्राथमिकता देने की व्यवस्था तैयार की है। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने और मनोरंजन क्षेत्र को राहत देने के प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं।
अतिथि व्याख्याता नीति 2026 को कार्योत्तर स्वीकृति
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति 2024 में पूर्व में प्रशासकीय अनुमोदन के बाद संशोधित नीति 2026 जारी की गई थी, जिसे मंत्रिपरिषद की इस बैठक में औपचारिक कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान कर दिया गया। नई व्यवस्था के तहत अतिथि व्याख्याताओं की चयन प्रक्रिया और मेरिट सूची के नियमों को पहले से कहीं अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाया गया है। अब यदि चयन के दौरान मेरिट सूची में दो अभ्यर्थियों के अंक बिल्कुल बराबर पाए जाते हैं, तो चयन में पहली वरीयता छत्तीसगढ़ के मूल निवासी उम्मीदवार को दी जाएगी। सरकार का यह कदम राज्य के योग्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
अध्यापन अनुभव और मानदेय के नए प्रावधान
संशोधित नियमों में अध्यापन अनुभव के अंकों को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। नए प्रावधानों के अनुसार 5 महीने के अध्यापन अनुभव पर अतिथि व्याख्याताओं को 5 अंक प्रदान किए जाएंगे। पिछली नीति के अंतर्गत राजकीय विश्वविद्यालयों में अध्यापन कार्य के अनुभव का ऐसा स्पष्ट लाभ उम्मीदवारों को सीधे तौर पर उपलब्ध नहीं था, जिसे अब मेरिट निर्धारण में जोड़कर सुगम बना दिया गया है। इसके अलावा अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय ढांचे में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं। व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए कार्य-दिवस आधारित मानदेय प्रणाली लागू की गई है, जिससे व्याख्याताओं को उनके वास्तविक कार्य दिवसों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित होगा। बैठक में काम के कुल दिन और अवकाश से जुड़े प्रावधानों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए तीन विभागों में 10 प्रतिशत आरक्षण
मंत्रिपरिषद ने देश सेवा पूरी कर लौटने वाले युवाओं के लिए पूर्व अग्निवीर भर्ती नियम 2026 को भी अपनी हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के अमल में आने के बाद छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग, वन विभाग और जेल विभाग की सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को नियमों के अधीन 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा। इस नीतिगत निर्णय का सीधा लाभ सैन्य सेवा के बाद नागरिक सेवाओं में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को मिलेगा और राज्य के सुरक्षा तंत्र को अनुशासित जनबल प्राप्त होगा।
सिनेमाघरों में फिल्म हनुमान अंश टैक्स फ्री
बैठक में सांस्कृतिक और मनोरंजन जगत से जुड़ा फैसला लेते हुए फिल्म हनुमान अंश को राज्य भर में कर मुक्त (टैक्स फ्री) करने की मंजूरी दी गई। इस व्यवस्था के अंतर्गत सिनेमाघरों में दर्शकों को स्टेट जीएसटी (SGST) की छूट मिलेगी और सिनेमाघर संचालकों को SGST के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार के संबंधित विभाग द्वारा की जाएगी।



















