छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गरबा महोत्सव के दौरान हुए विवाद और हंगामे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी सिलसिले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय पुलिस अधीक्षक यानी दुर्ग एसपी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर उतरे कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के कामकाज के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की। इस विरोध प्रदर्शन ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक पुतला दहन करने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झूमाझटकी और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई।
गरबा महोत्सव में गैर-हिंदुओं की मौजूदगी पर हुआ था विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ दुर्ग में आयोजित हुआ गरबा महोत्सव है। इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल की ओर से किया गया था। आयोजन के दौरान उस वक्त माहौल गरमा गया जब विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं की मौजूदगी पर कड़ी आपत्ति जताई। इस बात को लेकर कार्यक्रम स्थल पर काफी हंगामा और विवाद हुआ था। आयोजकों की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने हिंदूवादी संगठनों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कर ली, जिसके बाद से संगठनों में भारी गुस्सा है और वे इसी कार्रवाई के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं।
संगठनों की दोटूक चेतावनी, मांग पूरी न होने पर प्रदेशभर में होगा उग्र आंदोलन
विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदूवादी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि पुलिस प्रशासन को उनकी तरफ से दी गई शिकायत पर भी निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही कार्रवाई की जा रही है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मंच पर विश्व हिंदू परिषद के मंत्री राम लोचन तिवारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। संगठनों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर समय रहते कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो इस विरोध को केवल दुर्ग तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पुतला दहन कर बड़े स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
गरबा पंडाल से शुरू हुआ यह पूरा घटनाक्रम अब पुलिस कार्रवाई, शिकायत दर्ज कराने की मांग और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। इस गरमागरमी के बीच फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी विस्तृत या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, और हर कोई प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहा है। संगठनों का रुख साफ है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, उनका यह विरोध अलग-अलग रूपों में जारी रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ने के आसार हैं।





















