छत्तीसगढ़ी घरों में पारंपरिक खानपान की खुशबू आज भी उतनी ही चाव से महसूस की जाती है, जितनी दशकों पहले हुआ करती थी। देसी मसालों और स्थानीय सामग्रियों से तैयार होने वाले व्यंजनों में उड़द दाल बड़ी और अरहर दाल की सब्जी का एक खास मुकाम है। रोजमर्रा की थाली में शामिल होने वाली यह सब्जी न केवल पौष्टिक है, बल्कि बहुत ही साधारण घरेलू सामग्रियों के साथ झटपट तैयार हो जाती है। जब इसमें हरी मिर्च, कढ़ी पत्ता और राई यानी सरसों का देसी छौंक लगता है, तो इसका स्वाद और खुशबू पूरे घर में महक उठती है। बिलासपुर और आसपास के अंचल में इस पारंपरिक मेल को लोग बड़े चाव से अपनी थाली का हिस्सा बनाते हैं।
दाल और बड़ी की प्रारंभिक तैयारी
इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत मुख्य सामग्रियों की सफाई से होती है। इसके लिए सबसे पहले उड़द दाल से बनी बड़ी को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर अलग निकाल लें। इसके साथ ही करीब एक कप अरहर दाल लें और उसे भी साफ पानी से दो-तीन बार धोकर पूरी तरह तैयार कर लें। दाल और बड़ी दोनों को पहले से साफ कर लेने से इनका अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और पकने के बाद दाल का गाढ़ापन संतुलित बना रहता है।
प्रेशर कुकर में पकाने की विधि
सफाई पूरी होने के बाद गैस पर प्रेशर कुकर चढ़ाएं और उसमें धुली हुई अरहर दाल तथा उड़द दाल की बड़ी डाल दें। इसके बाद इसमें पानी के साथ स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर और आवश्यक बुनियादी मसाले शामिल करें। कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करके इसे मध्यम आंच पर करीब 10 मिनट तक पकने दें। यह तय समय सीमा इसलिए जरूरी है ताकि दाल पूरी तरह गल जाए और उड़द दाल की सख्त बड़ी भीतर तक नरम और रसदार हो जाए।
देसी तड़के का सटीक तरीका
जब कुकर में दाल और बड़ी पककर तैयार हो जाएं, तब सब्जी के मुख्य आकर्षण यानी तड़के की तैयारी की जाती है। इसके लिए गैस चूल्हे पर एक कड़ाही रखें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें। कड़ाही गर्म हो जाने के बाद उसमें आवश्यकतानुसार खाने का तेल डालें। जब तेल पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उसमें सरसों के दाने, ताजी कटी हरी मिर्च और धुले हुए कढ़ी पत्ते डालें। जब सरसों के दाने तेल में तड़कने लगें और कढ़ी पत्ते तथा मिर्च की सोंधी खुशबू आने लगे, तब तक तड़के को अच्छी तरह भूनें।
तड़के के साथ पांच मिनट का दम
तड़का तैयार होते ही कुकर में पकी हुई अरहर दाल और बड़ी के मिश्रण को कड़ाही में सावधानीपूर्वक पलट दें। करछी की मदद से पूरे मिश्रण को तड़के के साथ अच्छी तरह मिला लें ताकि तेल और मसालों का स्वाद दाल में समान रूप से समा जाए। इसके बाद धीमी से मध्यम आंच पर इसे करीब पांच मिनट तक और पकने दें। पांच मिनट तक उबालने से बड़ी के अंदर तड़के का पूरा स्वाद गहराई से उतर जाता है और ग्रेवी में एक बेहतरीन टेक्सचर आ जाता है। तय समय के बाद आंच बंद कर दें। तैयार पारंपरिक उड़द बड़ी और अरहर दाल की सब्जी को गरमागरम चपाती, फुल्के या उबले हुए सादे चावल के साथ परोसें।



















