बस्तर संभाग में हालिया बाढ़ की मार झेल रहे नागरिकों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर घटने के बजाय अचानक तेज उछाल मारने की कगार पर पहुंच गया है। पड़ोसी राज्य उड़ीसा के प्रशासन द्वारा खातिगुड़ा डैम का एक गेट खोल दिया गया है, जिससे भारी मात्रा में पानी इंद्रावती नदी में आगे बढ़ रहा है। यह जल प्रवाह देर रात लगभग 2 बजे तक जगदलपुर शहर के दायरे में प्रवेश करने का अनुमान लगाया गया है। इसके बाद जलस्तर में 3 से 4 फीट, यानी करीब 1 से 1.5 मीटर तक की सीधी बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। जो परिवार पिछली आपदा से उबरने का प्रयास कर रहे थे, उनके सामने अब जलभराव का नया संकट खड़ा हो गया है।
तटीय इलाकों में जहरीले जीवों का खतरा, सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
जलस्तर में इस संभावित उछाल को देखते हुए जगदलपुर के मेयर संजय पांडे ने नदी किनारे रहने वाले नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि इंद्रावती नदी के किनारे बसे 10 वार्डों के निवासियों को पूरी रात निगरानी में रहना होगा। मेयर ने आगाह किया कि अंधेरे में अचानक नदी का दायरा फैलने से बस्तियों में सांप, बिच्छू और अन्य विषैले कीटों के प्रवेश करने का बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे में किसी भी नागरिक को अपने घरों में रुककर जोखिम नहीं उठाना चाहिए। प्रशासन ने अपील की है कि प्रभावित लोग रात गहराने से पहले ही अपने सगे-संबंधियों के घरों की ओर रुख करें अथवा नगर निगम द्वारा तैयार किए गए राहत शिविरों में पनाह लें।
प्रशासन की मुस्तैदी और बस्तियों की निकासी
डैम से पानी छोड़े जाने की सूचना की पुष्टि होते ही स्थानीय नगर निगम प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। मेयर संजय पांडे ने शहर के तमाम पार्षदों को तत्काल सतर्क रहने के निर्देश जारी किए। इस आपात स्थिति में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि आपसी मतभेद भुलाकर बस्तियों में उतर आए हैं और आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कराने में मदद कर रहे हैं।
बाढ़ के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाने वाले गोका पाल और डगा घाट जैसे तटीय इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन क्षेत्रों में लाउडस्पीकर और मुनादी के जरिए लोगों को खतरे से आगाह किया जा रहा है और बस्तियां खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम ने विस्थापित परिवारों के ठहरने के लिए राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहां बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध सुनिश्चित किया जा रहा है।



















