दक्षिणी चीन का द्वीपीय प्रांत हैनान इन दिनों भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। लगातार जारी मूसलाधार बारिश के कारण निचले और संवेदनशील इलाकों में पानी भरने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते स्थानीय आपदा प्रबंधन तंत्र ने 31 हजार से अधिक बाशिंदों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित शिविरों में शरण दी है। रविवार देर शाम तक दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 31,564 नागरिकों को जलभराव और भूस्खलन के जोखिम वाले क्षेत्रों से सकुशल निकाला जा चुका है। राहत की बात यह है कि इतनी भयानक वर्षा के बावजूद अब तक किसी व्यक्ति के हताहत होने अथवा भारी बुनियादी ढांचे के नुकसान की अप्रिय सूचना सामने नहीं आई है।
वानिंग में शीर्ष आपात स्थिति घोषित, 452 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज
मौसम निगरानी केंद्रों से मिले आंकड़ों के मुताबिक, बीते बहत्तर घंटों के भीतर प्रांत के 6 प्रमुख शहरों तथा काउंटियों के अंतर्गत आने वाले 24 टाउनशिप में वर्षा का पैमाना 300 मिलीमीटर को पार कर चुका है। इस आसमानी आफत की सबसे तगड़ी मार वानिंग, लिंगशुई और क्यॉन्गहाई के जनजीवन पर पड़ी है। वानिंग के चांगफेंग टाउनशिप में तो बारिश ने पुराने रिकॉर्ड हिला दिए, जहां सर्वाधिक 452.1 मिलीमीटर तक जलवृष्टि रिकॉर्ड की गई। बिगड़ते हालात और आगे भी झमाझम बारिश जारी रहने की चेतावनी के बीच आपदा निवारण दल अत्यधिक सतर्क हो गए हैं।
आपदा की गंभीरता को भांपते हुए वानिंग शहर में शाम 7 बजे लेवल-1 आपातकालीन प्रतिक्रिया लागू कर दी गई। देश की चार पायदान वाली आपदा प्रबंधन नियमावली में लेवल-1 सबसे भयावह स्थिति का संकेत देता है और यह सर्वोच्च स्तर माना जाता है। वहीं क्यॉन्गहाई, क्यॉन्गझोंग, वुझीशान, बाओटिंग तथा लिंगशुई जैसे अन्य प्रभावित इलाकों में लेवल-2 की आपात व्यवस्था प्रभाव में है। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समूचे जोखिम वाले भूभाग में विद्यालयों को बंद रखने का फरमान सुनाया गया है और लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए सील कर दिए गए हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों में भारी मशीनरी और विशेषज्ञ दल तैनात
सड़क परिवहन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए जलमग्न राजमार्गों और प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है। संकटग्रस्त क्षेत्रों में दमकल कर्मियों के साथ विशेष राहत दस्तों को पहले से ही रणनीतिक स्थानों पर तैनात रखा गया है। वानिंग, क्यॉन्गहाई और लिंगशुई में अतिरिक्त मानव संसाधन भेजने के साथ भारी क्षमता वाले जल निकासी पंपों और तकनीकी उपकरणों को रवाना किया गया है ताकि जमा पानी को तेजी से निकाला जा सके। किसी भी आकस्मिक व्यवधान से निपटने के लिए बिजली और संचार सेवा प्रदाताओं ने त्वरित मरम्मत टीमों को आवश्यक तकनीकी उपकरणों सहित तैयार रहने को कहा है।
नदियों और बांधों की निगरानी तेज, पिछले चक्रवात की पृष्ठभूमि
जल संसाधन मंत्रालय तथा मौसम विभाग ने दक्षिण-पूर्वी हैनान के दुर्गम इलाकों में अचानक आने वाले सैलाब को लेकर सचेत किया है। भूगर्भीय हलचल, मिट्टी खिसकने और चट्टानें गिरने के अंदेशे को देखते हुए संवेदनशील हिस्सों में येलो अलर्ट जारी रखा गया है। स्थानीय मैदानी अमला नदियों, जलस्रोतों और बांधों में बढ़ते जलस्तर की हर घंटे समीक्षा कर रहा है ताकि बांधों के सुरक्षा मानकों को बनाए रखा जा सके। शहरों में नालों के जाम होने, पुल-पुलियों के जलमग्न होने और रास्तों के कटने से बचाव के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 22 अगस्त को भी दक्षिणी भूभाग के ग्वांगडोंग, गुआंग्शी और हैनान में संभावित जल प्रलय को देखते हुए लेवल-4 की आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई थी। उस दौरान साल के 19वें चक्रवाती तूफान टाइफून नर्रा के प्रभाव से विस्तृत इलाके में भारी तबाही और बारिश की गंभीर आशंका जताई गई थी। वर्तमान मौसम प्रणाली के चलते मौसम विज्ञानियों ने रविवार रात से सोमवार तक लगातार तेज बारिश का दौर बने रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है, जिसके कारण बचाव तंत्र पूरी मुस्तैदी से डटा हुआ है।



















