चीन के दक्षिणी तटीय इलाकों में ताइफून सॉडेल के आगमन के साथ ही भारी तबाही का दौर शुरू हो गया है। फुजियान और ग्वांगडोंग प्रांतों में मूसलाधार बारिश के बाद व्यापक जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों और राजमार्गों के जलमग्न होने से कई वाहन बाढ़ में फंस गए हैं, जबकि कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी घरों के भीतर तक प्रवेश कर चुका है। फुजियान प्रांत के जिनक्सी गांव में तेज पानी के बहाव के कारण एक तीन मंजिला ईंट का ढांचा पूरी तरह जमींदोज हो गया। यह आपदा ऐसे समय में आई है जब हाल ही में नेपाल में आई अचानक बाढ़ से 1,400 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और तिब्बत में भी व्यापक नुकसान दर्ज किया गया था।
तटीय शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त और राहत अभियान
फुजियान प्रांत के प्रसिद्ध चाय उत्पादक और अपनी हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले शहर फुडिंग में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। शहर के मुख्य भागों में कमर तक पानी भर जाने के कारण आम जनजीवन पूरी तरह ठप हो चुका है। आपातकालीन सेवाओं और अग्निशमन कर्मियों को बाढ़ के बहाव के बीच उतरकर जलभराव में फंसे बुजुर्गों और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते देखा जा सकता है। जिनक्सी जैसे पहाड़ी क्षेत्रों से घिरे गांवों में ढलानों से आए तेज पानी ने रिहायशी बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।
फुजियान के ही पुतियान शहर में स्थिति तब और बिगड़ गई जब बारिश के कारण एक तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से आई भीषण बाढ़ की वजह से 100 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ का पानी पुतियान के मुख्य राजमार्गों और पुलों तक पहुंच गया है, जिससे यातायात नेटवर्क पूरी तरह टूट गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है तथा सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को रोक दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने कई जिलों में सर्वोच्च बाढ़ आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया है।
दो महीनों में तीसरी बार ताइफून का सामना
ताइफून सॉडेल ने दक्षिण चीन सागर के ऊपर पुन: तीव्र शक्ति प्राप्त करने के बाद गुरुवार सुबह फुजियान के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी। इस वर्ष चीन के भूभाग से टकराने वाला यह सातवां ताइफून है। विशेष रूप से पूर्वी झेजियांग प्रांत के युहुआन शहर को बीते दो महीनों के भीतर तीसरी बार ताइफून का सामना करना पड़ा है। चीन मौसम विज्ञान प्रशासन ने इस तरह की लगातार चक्रवाती गतिविधियों को बेहद असामान्य और दुर्लभ करार दिया है।
अगस्त के अंतिम सप्ताह से ही झेजियांग और आसपास के तटीय प्रांतों में व्यापक स्तर पर स्थानांतरण अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत अब तक लाखों लोगों को सुरक्षित आश्रयों में भेजा जा चुका है। केवल फुजियान प्रांत में ही अब तक 83,000 से अधिक निवासियों को उनके आपदा-संभावित घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
मौसम में आए इस असामान्य बदलाव के पीछे अल नीनो का प्रभाव
विशेषज्ञ इस वर्ष ताइफून गतिविधियों में आई असाधारण तेजी और उनके मार्ग में आए बदलाव को अल नीनो प्रभाव से जोड़कर देख रहे हैं। सामान्य परिस्थितियों में चक्रवाती तूफान पश्चिमी प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्सों में विकसित होते हैं, लेकिन इस बार ये अधिक पूर्वी क्षेत्रों में आकार ले रहे हैं। इसके चलते इन तूफानों को समुद्र के ऊपर यात्रा करने का लंबा समय मिलता है, जिससे ये अधिक नमी और ऊर्जा सोख रहे हैं।
हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर हुई सु के अनुसार, पूर्वी क्षेत्रों में तूफानों का निर्माण होने के कारण उन्हें तटीय क्षेत्रों तक पहुंचते-पहुंचते अधिक शक्ति जुटाने का समय मिल जाता है। यही कारण है कि जब ये तूफान चीन और दक्षिण एशियाई देशों के जमीनी हिस्सों से टकरा रहे हैं, तब इनकी विनाशकारी क्षमता पहले की तुलना में कहीं अधिक देखने को मिल रही है।


















