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अहमदाबाद की शिकस्त ने जगाई थी खिताबी भूख, रोहित शर्मा ने बयां किया 19 नवंबर का दर्दक्रिकेट
10 अक्तू॰ 2026, 7:40 pm (30 मिनट पहले)· 0

अहमदाबाद की शिकस्त ने जगाई थी खिताबी भूख, रोहित शर्मा ने बयां किया 19 नवंबर का दर्द

पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने खुलासा किया है कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की मायूसी ने खिलाड़ियों में वह तड़प पैदा की, जिसकी बदौलत टीम 2024 में टी20 चैंपियन बनी।

अहमदाबाद के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली दिल तोड़ने वाली शिकस्त आज भी भारतीय क्रिकेट के इतिहास का सबसे भावुक अध्याय मानी जाती है। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने इस खिताबी मुकाबले की मायूसी को अपने 19 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय सफर का सबसे दर्दनाक लम्हा करार दिया है। अपने शो 'फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा' में दिल खोलकर बात करते हुए उन्होंने समझाया कि कैसे उस गहरे सदमे ने भारतीय ड्रेसिंग रूम में जीत की एक ऐसी बेचैनी और भूख जगाई, जिसने ठीक ग्यारह महीने बाद बारबाडोस में ग्यारह साल का सूखा खत्म करने की बुनियाद रखी।

19 साल के करियर का सबसे मुश्किल दौर

साल 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले रोहित शर्मा का मानना है कि इन 19 सालों के दौरान उन्होंने कभी ऐसा कठिन दौर नहीं देखा था। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2012 के श्रीलंका दौरे पर जब उनका बल्ला नहीं चल रहा था, तब भी वह अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन को लेकर बेहद निराश थे। हालांकि वह निराशा पूरी तरह निजी लक्ष्यों तक सीमित थी। इसके उलट 19 नवंबर का दिन केवल किसी एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे देश का एक साझा सपना टूटने का दिन था। पूरे हिंदुस्तान की उम्मीदों के उस शिखर पर पहुंचकर खाली हाथ रह जाना उनके लिए अपने जीवन का सबसे मुश्किल और असहनीय अनुभव साबित हुआ।

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नाकामी से मिली सीख ने बदल दी तस्वीर

घरेलू मैदान पर वर्ल्ड कप खेलना और लगातार अजेय प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक पहुंचना एक ऐसा सफर था, जहां किसी को हार का दूर-दूर तक अंदेशा नहीं था। रोहित के मुताबिक, यही वजह थी कि उस पराजय की टीस और ज्यादा गहरी हो गई। लेकिन खेल की दुनिया का यही कठोर नियम है कि जब इंसान को लगने लगे कि सब कुछ एकदम सही दिशा में आगे बढ़ रहा है, तभी अचानक लगा एक झटका उसे जमीन पर ला पटकता है। खेल से मिलने वाला यह सबसे बड़ा सबक इंसान को भीतर तक बदल देता है। रोहित ने जोर देकर कहा कि अगर वह दिल दुखाने वाली हार न मिली होती, तो शायद टीम 2024 में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी अपने नाम न कर पाती। असफलता ने खिलाड़ियों को सफलता की तुलना में कहीं ज्यादा बड़ी सीख दी। जब भारतीय दल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप अभियान के लिए वेस्टइंडीज और अमेरिका की धरती पर उतरा, तब हर सदस्य के चेहरे पर जीत की जो तड़प, बेचैनी और जबरदस्त ऊर्जा नजर आ रही थी, वैसी उन्होंने अपने पूरे करियर में पहले कभी महसूस नहीं की थी।

विजयी रथ और 11 महीने बाद सूखे का अंत

साल 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने लगातार 10 मुकाबले जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पूरे टूर्नामेंट में टीम का दबदबा ऐसा था कि उसे खिताब का सबसे बड़ा और स्वाभाविक दावेदार माना जा रहा था। हालांकि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस की सटीक रणनीति और ट्रेविस हेड की आक्रामक शतकीय पारी के आगे मेजबान टीम की उम्मीदें बिखर गईं। इस भारी गम के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने खुद को संभाला और 11 महीने के भीतर 29 जून को बारबाडोस में साउथ अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीतकर आईसीसी ट्रॉफी के 11 साल पुराने सूखे को शान से खत्म कर दिया।

सवाल-जवाब

रोहित शर्मा ने अपने 19 साल के करियर का सबसे दर्दनाक दिन किसे बताया?
उन्होंने 19 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वनडे वर्ल्ड कप फाइनल को अपने करियर का सबसे दर्दनाक दिन बताया।
रोहित शर्मा ने अपने पुराने खराब फॉर्म का कौन सा उदाहरण दिया?
उन्होंने साल 2012 के श्रीलंका दौरे का जिक्र किया, जहां खराब प्रदर्शन के बावजूद वह केवल उनका व्यक्तिगत लक्ष्य था, देश का सपना नहीं।
2023 की हार का 2024 टी20 वर्ल्ड कप पर क्या असर पड़ा?
रोहित के अनुसार, उस हार ने टीम में जीत की जबरदस्त भूख और ऊर्जा पैदा की, जिससे टीम ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीता।
2023 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले भारतीय टीम का प्रदर्शन कैसा था?
भारतीय टीम लगातार 10 मैच जीतकर बिना कोई मुकाबला गंवाए खिताबी मुकाबले में पहुंची थी।
भारत ने कितने साल बाद आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया?
भारत ने 29 जून 2024 को बारबाडोस में साउथ अफ्रीका को हराकर 11 साल का सूखा खत्म किया।
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