वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई तीन एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला में भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने इस पूरी सीरीज के तीन मुकाबलों में कुल 225 रन जोड़े, जिसमें एक बेहतरीन शतकीय पारी भी शामिल रही। इस शानदार आंकड़े के बावजूद भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर उनके प्रदर्शन के एक पहलू से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। तीसरे मैच में शतक के बेहद करीब पहुंचकर अपना विकेट गंवाने के तरीके पर गावस्कर ने खुलकर अपनी असहमति जताई है और साथ ही भविष्य को ध्यान में रखते हुए रोहित के सामने एक बेहद दिलचस्प व्यक्तिगत मानक भी रखा है।
सेंचुरी से चूकने के तरीके पर गावस्कर ने जताई निराशा
श्रृंखला के तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में रोहित शर्मा के पास अपने खाते में एक और सैकड़ा दर्ज करने का सुनहरा अवसर मौजूद था। वह 92 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए थे, लेकिन तिहरे अंक से महज 8 रन दूर रहते हुए उन्होंने बड़ा शॉट खेलने का प्रयास किया और अपना विकेट गंवा बैठे। इसी शॉट चयन और मौके को हाथ से जाने देने को लेकर सुनील गावस्कर खफा दिखे।
गावस्कर ने खेल से जुड़े एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान अपनी भावनाएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा, “रोहित के 92 रन पर आउट होने से मुझे निराशा हुई, क्योंकि वह शतक नहीं बना पाए।” गावस्कर का मानना था कि क्रीज पर इतना वक्त बिताने के बाद बल्लेबाज को अपनी पारी को तीन अंकों के आंकड़े में तब्दील करना चाहिए था, खासकर जब वह मील के पत्थर के इतने करीब पहुंच चुके थे।
संन्यास से पहले शतकों की संख्या उम्र से अधिक करने का लक्ष्य
सुनील गावस्कर ने रोहित शर्मा के भविष्य और संन्यास को लेकर भी अपनी राय साझा की। उनका आकलन है कि संभवतः 2027 के एकदिवसीय विश्व कप के समापन के बाद रोहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। गावस्कर चाहते हैं कि जब भी रोहित खेल के इस प्रारूप से विदा लें, तो उनके करियर में शतकों का रिकॉर्ड एक खास मुकाम हासिल कर चुका हो।
गावस्कर ने अपनी दिली ख्वाहिश जाहिर करते हुए कहा, “जब वह संन्यास लेने का फैसला करें तो मैं व्यक्तिगत रूप से चाहूंगा कि उनके वनडे शतकों की संख्या उनकी उम्र से ज्यादा हो।” उन्होंने आगे समझाया कि यदि तीसरे वनडे में वह शतक पूरा कर लेते, तो यह उनका 36वां वनडे शतक होता और वह इस उपलब्धि के और करीब आ जाते। गावस्कर के अनुसार, किसी भी दिग्गज खिलाड़ी के लिए संन्यास के समय उसकी उम्र की तुलना में शतकों की गिनती का अधिक होना एक अद्भुत और ऐतिहासिक बात होती है।
आंकड़ों की कसौटी पर रोहित शर्मा का वनडे करियर
रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों से पहले ही संन्यास की घोषणा कर चुके हैं और अब उनका पूरा ध्यान एकदिवसीय प्रारूप पर केंद्रित है। वर्तमान समय में उनके नाम वनडे क्रिकेट में 35 शतक दर्ज हैं। जब 2027 का एकदिवसीय विश्व कप आयोजित होगा, तब तक रोहित की उम्र 40 वर्ष हो जाएगी। गावस्कर के तय किए गए पैमाने को छूने या उससे आगे निकलने के लिए रोहित को अपने खेल जीवन के अंतिम पड़ाव तक कम से कम 5 और शतक जड़ने होंगे।
एकदिवसीय क्रिकेट में रोहित शर्मा का संपूर्ण रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 291 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें उनके बल्ले से 12120 रन निकले हैं। इस प्रारूप में 12 हजार रनों का विशाल आंकड़ा पार करने वाले वह भारत के केवल तीसरे बल्लेबाज हैं। ऐसे में गावस्कर की यह सलाह रोहित को अपने करियर के अंत से पहले नए कीर्तिमान स्थापित करने की प्रेरणा के रूप में देखी जा रही है।



















