राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा कस्बे की स्थानीय सब्जी मंडी में उस समय एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब वहां सामान्य से कई गुना अधिक लंबी एक लौकी बिक्री के लिए पहुंची। लगभग चार फीट लंबाई वाली इस विशालकाय लौकी को देखते ही मंडी में खरीदारों और व्यापारियों की भारी भीड़ जमा हो गई। आमतौर पर दैनिक बाजारों में आधा फीट से लेकर एक फीट तक की लौकियां ही बिकती नजर आती हैं, लेकिन इतनी असाधारण लंबाई वाली सब्जी सामने आते ही पूरा बाजार परिसर कौतूहल के केंद्र में बदल गया।
मंडी में उमड़ी देखने वालों की भीड़, लोगों ने ली सेल्फी
सब्जी मंडी में जैसे ही यह चार फीट लंबी लौकी पहुंची, हर किसी की नजरें उसी पर टिक गईं। वहां मौजूद ग्राहक और अन्य दुकानदार अपने काम छोड़कर इस अनोखी उपज को निहारने लगे। कई लोगों ने अपने हाथों में लौकी को उठाकर देखा और उसके साथ खड़े होकर सेल्फी खिंचवाई। इतना ही नहीं, बहुत से युवाओं और व्यापारियों ने अपने स्मार्टफोन से इस लंबी लौकी के वीडियो और तस्वीरें बनाईं और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया। पूरे दिन भर सरमथुरा के बाजार में इस खास सब्जी को देखने के लिए लोगों की आवाजाही लगातार बनी रही।
बरईपुरा के किसान मदन मोहन कुशवाह के खेत में हुई पैदावार
यह विशालकाय लौकी किसी कृषि प्रदर्शनी या विशेष प्रतियोगिता के लिए नहीं लाई गई थी, बल्कि यह सरमथुरा क्षेत्र के बरईपुरा गांव निवासी किसान और सब्जी विक्रेता मदन मोहन कुशवाह के अपने खेत की प्राकृतिक उपज है। मदन मोहन नियमित रूप से अपने खेतों में हरी सब्जियां उगाते हैं और उन्हें तैयार करके बिक्री के लिए सरमथुरा मंडी लाते हैं। जब वे अपनी अन्य रोजमर्रा की सब्जियों के साथ इस लंबी लौकी को लेकर पहुंचे, तब उन्हें भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनकी यह सामान्य फसल बाजार में इतनी बड़ी सनसनी बन जाएगी।
रासायनिक खादों के बिना देशी खाद से की गई जैविक खेती
किसान मदन मोहन कुशवाह ने बताया कि वे अपने खेतों में लौकी के अलावा बैंगन, काशीफल, टमाटर, पालक और तोरई जैसी कई मौसमी सब्जियों की पैदावार करते हैं। उनकी खेती की सबसे अहम खासियत यह है कि वे किसी भी तरह के रासायनिक उर्वरकों या जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करते। वे अपनी फसलों के पोषण के लिए पूरी तरह से पारंपरिक देशी खाद और जैविक विधियों पर निर्भर रहते हैं। नियमित देखरेख, पर्याप्त पानी और प्राकृतिक खाद के सही संतुलन के चलते ही उनके खेत की यह लौकी असामान्य रूप से बढ़कर लगभग चार फीट लंबी हो गई।
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल हुई अनूठी सब्जी
मंडी में खींची गई तस्वीरों और रिकॉर्ड किए गए वीडियो के ऑनलाइन साझा होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में आ गया। लोग इस लंबी लौकी के आकार पर हैरानी जताते हुए किसान के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं। मदन मोहन के लिए भले ही यह उनकी दैनिक कृषि का एक हिस्सा थी, लेकिन सरमथुरा मंडी में इसने लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। चार फीट लंबी इस फसल ने न केवल स्थानीय लोगों को आकर्षित किया, बल्कि बिना केमिकल के शुद्ध जैविक खेती के सकारात्मक परिणामों को भी सबके सामने उजागर किया है।





















