मुंबई के सुप्रसिद्ध लालबागचा राजा के दर्शन की इच्छा हर गणेश भक्त के मन में रहती है, और इसी श्रद्धा भाव के साथ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव अपने पूरे परिवार के साथ बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। इस विशेष दर्शन के दौरान उन्होंने न केवल गणपति बप्पा के प्रति अपनी गहरी निष्ठा साझा की, बल्कि राष्ट्रीय टीम से बाहर होने के बाद अपनी संभावित वापसी और करियर की मौजूदा स्थिति पर भी विस्तार से बातचीत की।
गणपति बप्पा के दरबार में पुरानी यादें और विश्व कप का संयोग
पंडाल में बप्पा के दर्शन करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए वहां बिताए अपने पिछले वर्षों के अनुभवों को याद किया। उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच-छह वर्षों से नियमित तौर पर यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं और हर बार उनका अनुभव बेहद खास रहा है।
अपनी पुरानी यात्राओं का एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति का एक नोट देखा था, जिसमें भविष्यवाणी की गई थी कि भारत 2024 का वर्ल्ड कप अपने नाम करेगा। इसके बाद जब वह 2025 में दर्शन के लिए पहुंचे, तो एक अन्य नोट में लिखा पाया कि उनकी कप्तानी में भारत 2026 में अपनी ही धरती पर वर्ल्ड कप खिताब जीतेगा। इन सुखद संयोगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा,
यहाँ मांगी गई मन्नतें बहुत असरदार होती हैं।
बेटी के जन्म की मुराद पूरी होने पर जताया आभार
इस पावन अवसर पर 36 वर्षीय इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने अपने निजी जीवन से जुड़ा एक बेहद भावुक प्रसंग भी सबके सामने रखा। उन्होंने खुलासा किया कि पिछले साल वह अपनी पत्नी के साथ लालबागचा राजा के चरणों में सिर्फ एक मन्नत लेकर आए थे कि उनके घर बेटी का जन्म हो। बप्पा के आशीर्वाद से उनके घर नन्हीं बेटी ने जन्म लिया और उनकी यह दिली प्रार्थना पूरी हुई। इसी कारण वह इस वर्ष अपने पूरे परिवार को साथ लेकर बप्पा का आभार जताने और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने यहां पहुंचे थे।
शानदार उपलब्धियां और टीम से बाहर होने की चुनौती
क्रिकेट की दुनिया में मिस्टर 360 के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले मुंबई के इस दिग्गज बल्लेबाज का अंतरराष्ट्रीय सफर ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने लगातार दो बार, 2022 और 2023 में आईसीसी मेंस T20I क्रिकेटर ऑफ द ईयर का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा अक्टूबर 2022 में वह दुनिया के नंबर एक T20I बल्लेबाज की कुर्सी पर काबिज हुए थे। जनवरी 2023 में उन्होंने 910 रेटिंग अंकों का वह जादुई आंकड़ा छुआ था, जिसे इस सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में अब तक कोई दूसरा बल्लेबाज हासिल नहीं कर पाया है।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। 2024 के टी-20 विश्व कप फाइनल में लॉन्ग ऑफ बाउंड्री पर उनके द्वारा लपके गए डेविड मिलर के हैरतअंगेज कैच के बिना भारत का दूसरी बार टी-20 चैंपियन बनना संभव नहीं दिखता था। आगे चलकर 2026 में अपनी अगुवाई में उन्होंने भारत को घरेलू मैदान पर खिताब दिलाया और टीम इंडिया ने अपनी ट्रॉफी का बचाव कर नया इतिहास रचा।
खराब फॉर्म और राष्ट्रीय टीम में वापसी की राह
खिताब जीतने के बावजूद बल्ले से लगातार लचर प्रदर्शन के कारण चयनकर्ताओं ने एक कड़ा फैसला लेते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया। टीम इंडिया से बाहर चल रहे इस अनुभवी बल्लेबाज से जब उनकी वापसी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत संतुलित और व्यावहारिक दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक खिलाड़ी के रूप में उनके हाथ में केवल कड़ी मेहनत और पसीना बहाना है, और इसके बाद टीम में चयन का पूरा फैसला चयनकर्ताओं के विवेक पर ही निर्भर करता है।















