अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में लंबी उम्र और फिटनेस की मिसाल पेश करते हुए जिम्बाब्वे के 40 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने एक नायाब उपलब्धि अपने नाम दर्ज कर ली है। हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच की शुरुआत होते ही उन्होंने सबसे लंबे वनडे करियर का नया कीर्तिमान स्थापित किया। आमतौर पर इस पड़ाव तक पहुंचते-पहुंचते खिलाड़ी संन्यास की राह चुन लेते हैं, लेकिन टेलर ने मैदान पर कदम रखते ही क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया।
सचिन तेंदुलकर का 14 साल पुराना कीर्तिमान हुआ पीछे
इस मुकाबले के साथ ही ब्रेंडन टेलर ने भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। सचिन तेंदुलकर का वनडे करियर 1989 से 2012 तक चला था, जो 22 साल और 91 दिनों तक कायम रहा। सचिन ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज सनथ जयसूर्या को पीछे छोड़कर यह मुकाम हासिल किया था, जिनका वनडे सफर 21 साल और 184 दिनों तक चला था। भारतीय दिग्गज का यह कीर्तिमान पूरे 14 वर्षों तक शीर्ष पर बना रहा, जिसे अब टेलर ने 2004 में अपने डेब्यू के बाद से 22 साल 146 दिन (और आंकड़ों के अनुसार 22 साल 148 दिन) का सफर पूरा करके अपने नाम कर लिया है। टेलर ने संन्यास और आईसीसी द्वारा लगाए गए साढ़े तीन साल के प्रतिबंध से उबरते हुए 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी।
एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे लंबे सफर वाले क्रिकेटर
वनडे क्रिकेट के इतिहास में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाले खिलाड़ियों की सूची बेहद चुनिंदा है
- ब्रेंडन टेलर (जिम्बाब्वे): 22 साल 148 दिन (2004 से अब तक)
- सचिन तेंदुलकर (भारत): 22 साल 91 दिन (1989 से 2012)
- सनथ जयसूर्या (श्रीलंका): 21 साल 184 दिन (1989 से 2011)
- जावेद मियांदाद (पाकिस्तान): 20 साल 272 दिन (1975 से 1996)
- सीन विलियम्स (जिम्बाब्वे): 20 साल 187 दिन (2005 से 2025)
जिम्बाब्वे के दूसरे सबसे सफल एकदिवसीय बल्लेबाज
ब्रेंडन टेलर की गिनती जिम्बाब्वे के सबसे सफल और भरोसेमंद बल्लेबाजों में की जाती है। अपने अब तक के वनडे करियर में उन्होंने 205 पारियों के दौरान 6,704 रन जोड़े हैं। इस प्रारूप में अपने देश के लिए सर्वाधिक रन बनाने के मामले में वह केवल एंडी फ्लावर से पीछे हैं, जिन्होंने 208 पारियों में 6,786 रन बनाए थे। इसके अतिरिक्त टेलर ने तीनों प्रारूपों में जिम्बाब्वे की कप्तानी का दायित्व भी बखूबी संभाला है। वनडे विश्व कप 2015 में उनका बल्ला जमकर बोला था, जहां उन्होंने दो बेहतरीन शतक जड़े थे और इनमें से एक शतक भारत के खिलाफ आया था।
संन्यास, काउंटी क्रिकेट और दोबारा राष्ट्रीय टीम में वापसी
विश्व कप 2015 में भारत के खिलाफ मुकाबले के समापन के बाद ब्रेंडन टेलर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के घरेलू काउंटी क्लब नॉटिंघमशायर के साथ तीन वर्षों के लिए कोलपैक अनुबंध किया। हालांकि, वह इस समझौते को पूरी अवधि तक नहीं निभा सके और अपने अंतिम सीजन के दौरान ही क्लब से अलग हो गए। क्रिकेट की मुख्य धारा से दो वर्ष से अधिक समय तक बाहर रहने के बाद टेलर ने एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में कदम रखा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्बाब्वे का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया, जिसके दम पर आज वह इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंच सके हैं।















