भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे से ठीक पहले खिलाड़ियों को वहां के कठिन माहौल में ढलने का एक बेहतरीन मौका मिलने जा रहा है। मुख्य टेस्ट शृंखला की शुरुआत होने से पहले इंडिया A की टीम न्यूजीलैंड A के विरुद्ध तीन चार दिवसीय मुकाबले खेलने मैदान में उतरेगी। इन रेड बॉल मैचों के जरिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड और चयनकर्ताओं का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों के साथ-साथ संभावित बैकअप खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड की परिस्थितियों का व्यावहारिक अनुभव कराना है, ताकि वे आगामी अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
न्यूजीलैंड A के खिलाफ तीन चार दिवसीय मैचों का कार्यक्रम
न्यूजीलैंड क्रिकेट ने 1 सितंबर को अपने आगामी घरेलू रेड-बॉल समर शेड्यूल का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया। इस दौरान जानकारी दी गई कि दोनों देशों की 'A' टीमों के बीच तीन चार दिवसीय रेड-बॉल मैचों की शृंखला का आयोजन किया जाएगा। ये तीनों मुकाबले क्राइस्टचर्च के मैदान पर खेले जाएंगे। इस शृंखला का पहला मैच 24 अक्टूबर से शुरू होगा। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने अपने बयान में कहा है कि घरेलू रेड-बॉल समर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रोमांच देखने को मिलेगा, क्योंकि क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड A की टीम 24 अक्टूबर से इंडिया A की मेजबानी करेगी।
तेज और उछाल भरी पिचों पर तैयारी का बड़ा मौका
भारत का यह विस्तृत न्यूजीलैंड दौरा अक्टूबर से नवंबर के बीच निर्धारित है। इस दौरे पर दोनों देशों की मुख्य राष्ट्रीय टीमों के बीच 5 T20I, 5 ODI और 2 टेस्ट मैच खेले जाने हैं। सीनियर टेस्ट शृंखला शुरू होने से ठीक पहले इंडिया A के चार दिवसीय मैचों का आयोजन रखा गया है। न्यूजीलैंड की पिचें पारंपरिक रूप से अपनी अतिरिक्त तेजी, सीम मूवमेंट और उछाल के लिए जानी जाती हैं। इन मैचों के माध्यम से भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों को वहां की परिस्थितियों से तालमेल बिठाने का पर्याप्त समय मिलेगा। इसके अलावा, चयनकर्ताओं की नजर भी इंडिया A के प्रदर्शन पर रहेगी, जिससे जरूरत पड़ने पर टेस्ट टीम में बदलाव या आपातकालीन बैकअप की पूर्ति की जा सके।
सीनियर टीम के शेड्यूल और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का गणित
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो मैचों की सीनियर टेस्ट शृंखला का पहला मुकाबला 19 नवंबर से 23 नवंबर के बीच वेलिंगटन में खेला जाएगा। इसके पश्चात दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच क्राइस्टचर्च में आयोजित होगा। यह टेस्ट शृंखला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका के दृष्टिकोण से दोनों टीमों के लिए बेहद निर्णायक साबित होने वाली है। मौजूदा WTC पॉइंट्स टेबल की बात करें तो न्यूजीलैंड की टीम फिलहाल तीसरे स्थान पर काबिज है, जबकि भारतीय टीम पांचवें स्थान पर खिसक चुकी है। ऐसे में फाइनल में पहुंचने की रेस में बने रहने के लिए भारत को इस दौरे पर हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
2024-25 के क्लीन स्वीप का हिसाब चुकता करने का दबाव
भारतीय टीम के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट शृंखला की यादें बेहद निराशाजनक रही हैं। 2024-25 के सीजन में जब न्यूजीलैंड की टीम ने भारत का दौरा किया था, तब मेहमान टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए भारतीय सरजमीं पर 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया था। उस क्लीन स्वीप ने भारतीय टेस्ट टीम के समीकरण बिगाड़ दिए थे। अब न्यूजीलैंड के घरेलू मैदानों पर खेलते हुए भारतीय टीम के सामने न केवल उस शर्मनाक हार का हिसाब बराबर करने का बड़ा दबाव होगा, बल्कि WTC की तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने की दोहरी चुनौती भी मौजूद रहेगी।


















