महिला एशिया कप के पांचवें मुकाबले में पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम को थाईलैंड के खिलाफ बेहद कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा। हालांकि पाकिस्तान ने इस मैच को 35 रन से अपने नाम कर लिया, लेकिन थाईलैंड की कसी हुई गेंदबाजी और अनुशासित प्रदर्शन ने पाकिस्तानी टीम के बल्लेबाजी तंत्र की कमियों को उजागर कर दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट खोकर केवल 119 रन ही बना सकी। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की टीम पाकिस्तानी स्पिन गेंदबाजों के दबाव के आगे बिखर गई और पूरी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 84 रन ही बना सकी। मुनीबा अली की संकटमोचक पारी के बिना पाकिस्तान के लिए यह मैच किसी बड़े उलटफेर का कारण बन सकता था।
मुनीबा अली का जुझारू अर्धशतक और शुरुआती झटके
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। मैच के शुरुआती चरण में ही महज 6 रन के कुल स्कोर पर ओपनर शवाल जुल्फिकार और गुल फिरोजा पवेलियन लौट गईं। थाईलैंड की गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था। ऐसे नाजुक मोड़ पर सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ने एक छोर संभाला और टीम को संकट से निकाला। मुनीबा ने 52 गेंदों का सामना करते हुए 4 चौकों की मदद से 54 रन की महत्वपूर्ण अर्द्धशतकीय पारी खेली। उन्होंने सादफ शमास के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 54 रन की बेहद कीमती साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने उम्म-ए-हानी के साथ मिलकर भी उपयोगी रन जोड़े। हालांकि 16वें ओवर में मुनीबा के 54 रन के निजी स्कोर पर आउट होते ही पाकिस्तान की पारी एक बार फिर लड़खड़ा गई।
तूबा हसन का आक्रामक फिनिश और थाईलैंड का गेंदबाजी प्रदर्शन
पाकिस्तानी टीम 90 रन के स्कोर पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी और ऐसा लग रहा था कि टीम 110 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन निचले क्रम में तूबा हसन ने कुछ आक्रामक शॉट्स खेलकर टीम के स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया। तूबा हसन ने केवल 4 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 12 रन बनाए, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल था। उनकी इस संक्षिप्त लेकिन प्रभावकारी पारी की वजह से पाकिस्तान 119/9 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा। थाईलैंड की ओर से थिपाचा पुत्थावोंग और सुलेपॉर्न लामोई ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट अपने नाम किए, जबकि फन्निता माया ने 2 सफलताएं हासिल कीं।
सादिया इकबाल और नशरा संधू के सामने थाईलैंड का समर्पण
120 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड टीम की शुरुआत भी काफी खराब रही। पाकिस्तानी गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों से ही शिकंजा कसा और थाईलैंड ने 6 रन के स्कोर पर ही अपने 2 शुरुआती विकेट गंवा दिए। नट्टाकन चंतम और कप्तान नरुएमोल चाईवाई ने पारी को संभालने का प्रयास किया, लेकिन पाकिस्तानी स्पिनर लगातार दबाव बनाए रहे। चाईवाई ने 33 गेंदों में 17 रन की धीमी पारी खेली, जबकि मध्यक्रम में चैनिदा सुत्थिरुआंग ने 24 गेंदों पर 25 रन बनाकर संघर्ष करने की कोशिश की। बढ़ते जरूरी रन रेट के दबाव में थाईलैंड के बल्लेबाज बड़े शॉट्स खेलने में नाकाम रहे।
पाकिस्तान की इस जीत में गेंदबाजों का योगदान सबसे अहम रहा। बाएं हाथ की स्पिनर सादिया इकबाल ने बेहद किफायती और धारदार गेंदबाजी करते हुए अपने 4 ओवर के स्पेल में केवल 11 रन देकर 3 विकेट झटके। दूसरी तरफ नशरा संधू ने अपनी कसी हुई गेंदबाजी से थाईलैंड के बल्लेबाजों को बांधे रखा और 4 ओवरों में महज 6 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। तूबा हसन ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 2 विकेट चटकाए। पूरी थाईलैंड टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 84 रन ही बना सकी। 54 रन की जुझारू पारी खेलने के लिए मुनीबा अली को प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया।
ग्रुप ए अंक तालिका की ताजा स्थिति
इस जीत के साथ पाकिस्तान ने प्रतियोगिता में 2 महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए हैं और वह ग्रुप ए की अंक तालिका में दूसरे स्थान पर कब्जा जमा चुका है। भारतीय महिला टीम भी 2 अंकों के साथ तालिका के शीर्ष पर बनी हुई है, क्योंकि भारत का नेट रन रेट +4.700 है जो पाकिस्तान के +1.750 नेट रन रेट से काफी बेहतर है। थाईलैंड की टीम अब तक खेले गए 3 मैचों में 1 जीत और 2 हार के साथ 2 अंक लेकर तीसरे स्थान पर मौजूद है, जबकि उनका नेट रन रेट -2.050 है। हांगकांग की टीम अपने पहले मुकाबले में हार के बाद बिना किसी अंक के चौथे स्थान पर बनी हुई है।


















