भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस के अवसर पर एक देशव्यापी सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। यह विशेष अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक पूरे एक महीने चलेगा। इस कार्यक्रम को सेवा संकल्प अभियान नाम दिया गया है। पार्टी इस अभियान के जरिए प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर को भी रेखांकित कर रही है। इस पूरे आयोजन के केंद्र में गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकलने वाली एक विशाल जनसंपर्क यात्रा होगी, जिसे पार्टी जन्मभूमि से कर्मभूमि यात्रा का नाम देकर जनता के बीच ले जा रही है।
बाइकर्स और कार्यकर्ताओं का सड़क पर विशेष काफिला
पार्टी की ओर से तैयार की गई विस्तृत रणनीति के अनुसार, यात्रा की शुरुआत एक ही दिन दो अलग-अलग दिशाओं से होगी। गुजरात के वडनगर से 10 विशेष टीमें वाराणसी के लिए रवाना होंगी, जबकि उत्तर प्रदेश के वाराणसी से 10 टीमें उसी दिन वडनगर की ओर अपनी यात्रा शुरू करेंगी। वाराणसी की टीमें एक महीने का लंबा मार्ग तय करते हुए अंततः वडनगर पहुंचेगी, जबकि वडनगर से चले कार्यकर्ता उसी समयावधि में वाराणसी में अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।
इस पूरे काफिले में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और बाइक सवार शामिल रहेंगे। यात्रा के दौरान प्रत्येक टीम प्रतिदिन लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। अपनी दैनिक यात्रा के दौरान ये टीमें रोज चार विशेष सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करना और आम लोगों को उनसे जोड़ना है।
जनसंपर्क और सेवा कार्यों पर केंद्रित रणनीति
भाजपा ने इस अभियान के माध्यम से उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक पूरे भारत में अपनी जमीनी पकड़ मजबूत करने की योजना बनाई है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच शिविर और स्वच्छता अभियान जैसे कई बड़े सामाजिक कार्य आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा जमीनी स्तर पर सेवा देने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संपर्क कायम करें। भाजपा का मुख्य ध्येय इस पूरे आयोजन को किसी पारंपरिक राजनीतिक जलसे या समारोह के रूप में मनाने के बजाय सेवा, समर्पण और जन कल्याण के एक महाउत्सव में बदलना है।



















