डरबन के मैदान पर टेस्ट मुकाबले के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई खेमे ने जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है। एक समय बल्लेबाजी में लड़खड़ाने के बाद मेहमान टीम ने पहली पारी में 390 रनों का विशाल योग खड़ा किया। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम दूसरे दिन का खेल रोके जाने तक केवल 27 रन ही जोड़ पाई और उसने अपना एक प्रमुख बल्लेबाज भी खो दिया। मेजबान टीम पहली पारी की बढ़त के मामले में अभी 363 रनों के बड़े फासले से जूझ रही है।
संकट से उबारते हुए रेनशॉ ने खेली ऐतिहासिक पारी
मुकाबले के दूसरे दिन का खेल शुरू होने पर ऑस्ट्रेलियाई पारी काफी दबाव में दिख रही थी, क्योंकि उसके छह शीर्ष बल्लेबाज केवल 187 रन के कुल योग पर पवेलियन लौट चुके थे। पहले दिन के खेल में गेंदबाजों के हावी रहने तथा खराब रोशनी के चलते ऐसा अंदेशा जताया जा रहा था कि टीम बहुत जल्दी सिमट जाएगी। ऐसे नाजुक मोड़ पर मैट रेनशॉ चट्टान की तरह एक छोर पर टिके रहे। उन्होंने 397 गेंदों का संयमित सामना करते हुए 190 रनों की मैराथन पारी खेली। वह अपने करियर के दूसरे टेस्ट शतक को दोहरे शतक में बदलने से महज दस रन दूर रह गए। दिन के तीसरे सत्र की शुरुआत में ऑफ स्पिन गेंदबाज साइमन हार्मर ने उन्हें स्लिप में लपकवाकर इस यादगार पारी पर विराम लगाया।
निचले क्रम के साथ रची गई रिकॉर्ड साझेदारियां
रेनशॉ की इस जुझारू पारी की सबसे बड़ी खासियत निचले क्रम के बल्लेबाजों का मिला जबर्दस्त सहयोग रहा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने सातवें विकेट के लिए रेनशॉ के साथ मिलकर 86 रनों की बेहद उपयोगी भागीदारी निभाई। कमिंस ने खुद 43 रन बनाए और अपने अर्धशतक के करीब पहुंचकर पवेलियन लौटे। इसके बाद नौवें विकेट के लिए नाथन लियोन और रेनशॉ के बीच 134 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी देखने को मिली, जो ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट इतिहास में नौवें विकेट के लिए दर्ज दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है। जोश हेज़लवुड और नाथन लियोन दोनों ने क्रीज पर पूरा समय बिताकर मेजबान आक्रमण को बेअसर किया। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो रेनशॉ ने अपने कुल 190 रनों में से 174 रन टीम के अंतिम चार बल्लेबाजों के साथ मिलकर बनाए। साल 2002 के बाद से किसी भी टेस्ट पारी में पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ बल्लेबाजी करते हुए किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की कड़ी मेहनत और स्पिनरों की विफलता
गेंदबाजी के मोर्चे पर मेजबान दक्षिण अफ्रीका के लिए वियान मुल्डर ने चार और मार्को जेनसेन ने तीन शिकार किए। वहीं एनरिक नॉर्टजे ने अपनी गति से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। हालांकि टीम के दोनों मुख्य स्पिनर केशव महाराज और साइमन हार्मर मिलकर 48 ओवर से ज्यादा की गेंदबाजी करने के बाद केवल एक ही विकेट झटक पाए। शुरुआत में दबाव बनाने में सफल रहने के बावजूद मेजबान गेंदबाज रेनशॉ के धीरज और निचले क्रम के समर्पण को तोड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए।
दूसरे ही ओवर में हेज़लवुड का प्रहार और खराब रोशनी
अपनी पहली पारी की शुरुआत करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को दूसरे ही ओवर में करारा झटका लगा। तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड ने सलामी बल्लेबाज रयान रिकेलटन को बिना खाता खोले पवेलियन की राह दिखा दी, जिनका कैच विकेटकीपर ने लपका। दिन के अंतिम पलों में रोशनी खराब होने के कारण अंपायरों को निर्धारित समय से पहले ही खेल समाप्ति की घोषणा करनी पड़ी। स्टंप्स तक एडेन मार्कराम 15 रन बनाकर और डेविड बेडिंगहम 12 रन बनाकर नाबाद रहे। अब मैच के तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीका पर इस विशाल अंतर को पाटने का भारी दबाव रहेगा।
























