श्रीलंकाई पुरुष क्रिकेट टीम के नेतृत्व ढांचे में एक बड़ा फेरबदल हुआ है। अनुभवी हरफनमौला खिलाड़ी धनंजय डी सिल्वा के पद छोड़ने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस को टेस्ट टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। मेंडिस पहले से ही टी20 और वनडे फॉर्मेट में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी संभाल रहे थे। इस ताजा फैसले के बाद वह अब तीनों ही अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में श्रीलंकाई टीम की अगुवाई करने वाले मुख्य कप्तान बन गए हैं।
धनंजय डी सिल्वा ने क्यों छोड़ी टेस्ट कप्तानी?
धनंजय डी सिल्वा का कप्तानी छोड़ना श्रीलंकाई क्रिकेट के लिए एक अहम पड़ाव माना जा रहा है। उन्होंने चयन समिति को एक पत्र भेजकर अपने इस फैसले की जानकारी दी। अपने पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मानना है कि अब नेतृत्व की बागडोर अगली पीढ़ी के हाथों में सौंप देने का सही समय आ गया है। डी सिल्वा ने जनवरी 2024 में दिमुथ करुणारत्ने की जगह टेस्ट टीम की कमान संभाली थी।
डी सिल्वा के कार्यकाल में श्रीलंकाई टीम ने कुल 18 टेस्ट मैच खेले, जिनमें से टीम को 7 मुकाबलों में जीत हासिल हुई। हालांकि, हाल के महीनों में टीम को कुछ मुश्किल दौर और चुनौतियों से गुजरना पड़ा है। पिछले एक साल के दौरान श्रीलंकाई टीम को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शिकस्त झेलनी पड़ी और उसके बाद घरेलू मैदानों पर भारतीय टीम के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों के चलते टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में सातवें पायदान पर खिसक गई है।
बतौर कप्तान डी सिल्वा का व्यक्तिगत रिकॉर्ड
कप्तानी के दबाव के बावजूद धनंजय डी सिल्वा ने बल्ले और गेंद दोनों से मैदान पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। बतौर कप्तान खेलते हुए उन्होंने कुल 1,130 रन बनाए, जिसमें उनका बल्लेबाजी औसत 36.45 का रहा। इसके साथ ही उन्होंने अपनी गेंदबाजी से 9 विकेट भी हासिल किए।
श्रीलंका क्रिकेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एशले डी सिल्वा ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बोर्ड लंबे प्रारूप में उनके नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त करता है और उनके आगे के करियर के लिए शुभकामनाएं देता है। कप्तानी से हटने के बावजूद डी सिल्वा ने यह साफ कर दिया है कि वह एक खिलाड़ी के रूप में भविष्य में चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे।
कुसल मेंडिस के कंधों पर तीनों प्रारूपों का दारोमदार
अब श्रीलंकाई क्रिकेट की नजरें 31 वर्षीय कुसल मेंडिस पर टिकी हैं। मेंडिस के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा अनुभव मौजूद है, जो टीम को आगे ले जाने में मददगार साबित हो सकता है। वह अपने करियर में अब तक कुल 75 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जहां उन्होंने 36.36 की औसत से 4,836 रन जुटाए हैं। इस प्रारूप में उनके नाम 10 शतक और 23 अर्धशतक दर्ज हैं। सीमित ओवरों की कप्तानी पहले से संभाल रहे मेंडिस के लिए अब सबसे लंबे प्रारूप में भी टीम का मार्गदर्शन करना एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।
रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ पहली कड़ी परीक्षा
टेस्ट कप्तान के रूप में कुसल मेंडिस के कार्यकाल की शुरुआत जल्द ही एक कठिन विदेशी दौरे से होने जा रही है। बतौर टेस्ट कप्तान उनका पहला इम्तिहान पाकिस्तान के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में होगा। यह सीरीज आगामी 9 नवंबर से रावलपिंडी में शुरू होने वाली है। श्रीलंकाई टीम और उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि मेंडिस की कप्तानी में टीम पाकिस्तान दौरे पर मजबूत खेल दिखाएगी और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में अपनी स्थिति सुधारने में कामयाब रहेगी।


















