पांच मुकाबलों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के शुरुआती मैच में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम ने 8 विकेट से आसान जीत हासिल की थी। लखनऊ के मैदान पर मिली इस जोरदार कामयाबी के बाद अब दोनों प्रतिद्वंद्वी टीमें 9 अक्टूबर को दूसरे मुकाबले के लिए आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला रांची स्थित जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में आयोजित किया जाएगा। इस समय भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है, और टीम प्रबंधन की पूरी कोशिश इस मुकाबले को जीतकर श्रृंखला में 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल करने पर टिकी होगी। रांची के इस मैदान पर भारतीय टीम ने अपना आखिरी टी20 मैच साल 2023 में खेला था, जिस वजह से यहां की परिस्थितियों पर दोनों खेमों की बारीक नजरें हैं।
धीमी सतह और बड़े मैदान पर बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा
रांची के इस अंतरराष्ट्रीय मैदान पर बल्ले और गेंद के बीच एक दिलचस्प और कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। यहां का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताता है कि खेले गए पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से किसी भी मैच में कोई भी टीम 200 रनों के आंकड़े को नहीं छू सकी है। इस कम स्कोरिंग ट्रेंड का मुख्य कारण यहां की विशालकाय बाउंड्री और पिच का धीमा बर्ताव है। सतह पर गति कम होने की वजह से शॉट लगाने के लिए बल्लेबाजों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ती है और बड़े प्रहार करना कतई आसान नहीं रहता।
भारतीय टीम के इस मैदान पर पुराने रिकॉर्ड पर नजर डालें तो आंकड़े काफी हद तक मेजबान के पक्ष में दिखाई देते हैं। भारत ने यहां खेले चार मुकाबलों में से तीन में जीत दर्ज की है, जबकि एकमात्र हार का सामना साल 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ करना पड़ा था। उस मैच में भारतीय टीम 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच गंवा बैठी थी।
मौसम का मिजाज और टॉस की अहमियत
मैच के दौरान रांची के मौसम की स्थिति भी खेल की रणनीति को काफी प्रभावित कर सकती है। शाम के समय मुकाबले के दौरान तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इसके साथ ही हल्की बारिश की आशंका भी जताई गई है, जिससे खेल की रफ्तार में खलल पड़ सकता है।
मौसम और मैदान के मिजाज को देखते हुए सिक्के की उछाल यानी टॉस का फैसला बेहद निर्णायक रहने वाला है। जो भी कप्तान टॉस जीतेगा, उसके पहले गेंदबाजी चुनने की प्रबल संभावना है। इसके पीछे दो मुख्य वजहें हैं: एक तो बाद में मैदान पर ओस का प्रभाव पड़ सकता है और दूसरा, अगर बारिश की वजह से डकवर्थ लुईस पद्धति लागू होती है तो बाद में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को आवश्यक रन गति की स्पष्ट जानकारी रहती है, जिससे लक्ष्य हासिल करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।
घरेलू मैदान पर डेब्यू की दहलीज पर खड़े वैभव सूर्यवंशी
टीम संयोजन के लिहाज से यह मुकाबला युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी के लिए बेहद यादगार बन सकता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ में खेले गए पहले मुकाबले की अंतिम एकादश में वैभव सूर्यवंशी को जगह नहीं मिल सकी थी। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि रांची में उन्हें प्लेइंग 11 में शामिल किया जा सकता है।
वैभव सूर्यवंशी के लिए यह अवसर इसलिए भी बड़ा है क्योंकि यह उनका घरेलू मैदान है। इससे पहले उन्हें भारतीय सरजमीं पर एक भी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलने का मौका नहीं मिला है। अगर टीम प्रबंधन उन्हें दूसरे टी20 मुकाबले में मैदान पर उतारता है, तो अपने घरेलू दर्शकों के सामने भारत में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करना उनके करियर का एक बेहद खास मील का पत्थर साबित होगा।


















