शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे बंगाल के क्रिकेटर और आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी अभिषेक पोरेल की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. हुगली जिला पुलिस की मोगरा थाना टीम ने सोमवार रात उत्तर 24 परगना जिले के दम दम स्थित उनके आवास से क्रिकेटर को गिरफ्तार किया था. इसके बाद चिनसुरा की जिला अदालत में पेश किए जाने पर अदालत ने पोरेल की जमानत याचिका पूरी तरह खारिज कर दी और उन्हें तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश जारी किया.
मामले में एक और आरोपी शामिल, पुलिस की तलाश तेज
इस पूरे मामले की जांच के दौरान एक नया मोड़ सामने आया है. पुलिस जांच के अनुसार इस अपराध में केवल अभिषेक पोरेल ही शामिल नहीं हैं, बल्कि उनके एक करीबी दोस्त को भी सह-आरोपी बनाया गया है. वारदात के बाद से ही दूसरा आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है.
कर्नाटक की मेडिकल छात्रा ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायत दर्ज कराने वाली पीड़िता मूल रूप से कर्नाटक में पढ़ाई कर रही एक मेडिकल स्टूडेंट हैं. पीड़िता के बयानों के मुताबिक, दोनों लंबे समय से रिश्ते में थे और इस दौरान साथ में विदेश यात्रा पर भी गए थे. पीड़िता का आरोप है कि पोरेल ने शादी का वादा करके उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकरते हुए रिश्ते को मानने से इनकार कर दिया. पीड़िता ने यह भी उजागर किया कि लगभग डेढ़ साल पहले भी दोनों के बीच तीखा विवाद हुआ था, जो पुलिस स्टेशन तक पहुंचा था, हालांकि उस समय कोई औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी.
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त और बीएनएस की धाराओं में केस
पीड़िता की व्यक्तिगत तस्वीरों और निजी डेटा के अनधिकृत प्रसार को रोकने के लिए अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है. न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने अभिषेक पोरेल के सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और फोन जब्त कर लिए हैं. मोगरा पुलिस ने क्रिकेटर के खिलाफ नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
कलकत्ता हाईकोर्ट में 14 सितंबर तक सुनवाई स्थगित
दूसरी तरफ यह मामला कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष भी सुनवाई के लिए आया. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने राज्य सरकार की ओर से अब तक की जांच और गिरफ्तारी के बाद की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई. सरकारी वकील ने विस्तृत जांच आगे बढ़ाने के लिए न्यायालय से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया. राज्य सरकार की याचिका को स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 14 सितंबर तय कर दी है.



















