भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड दौरे पर अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए ऑकलैंड में खेले गए मुकाबले में पांच विकेट से एकतरफा जीत दर्ज की. टी-20 श्रृंखला अपने नाम करने के बाद भारतीय दल ने अब तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में भी 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है. इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि युवा तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज का प्रदर्शन रहा, जिन्होंने केवल अपना दूसरा अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबला खेलते हुए मेजबान टीम के शीर्ष क्रम और मध्यक्रम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया.
ईडन पार्क की परिस्थितियों में चमके अंशुल
ईडन पार्क में टॉस और मौसम दोनों ही तेज गेंदबाजों के अनुकूल नजर आ रहे थे. आसमान में घने बादल छाए हुए थे और पिच पर अच्छा खासा उछाल देखने को मिल रहा था. ऐसे माहौल में अंशुल कंबोज ने अपनी लाइन और लेंथ पर गजब का नियंत्रण दिखाया. उन्होंने अपने कोटे के पूरे 10 ओवर फेंकते हुए केवल 22 रन खर्च किए और दो महत्वपूर्ण विकेट अपनी झोली में डाले. कंबोज ने न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और नाथन स्मिथ को पवेलियन का रास्ता दिखाया. पूरे स्पैल के दौरान कीवी बल्लेबाज उनके खिलाफ खुलकर रन बनाने के लिए जूझते दिखाई दिए. उनके इस कसी हुई गेंदबाजी के चलते उन्हें मुकाबले का प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया.
कप्तान शुभमन गिल ने की दिल खोलकर तारीफ
मुकाबला जीतने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने अपने इस युवा गेंदबाज की जमकर सराहना की. गिल ने स्पष्ट किया कि ऑकलैंड की पिच और परिस्थितियां कंबोज की गेंदबाजी शैली के बिल्कुल अनुकूल थीं. मैच के बाद गिल ने कहा कि कंबोज की शैली को देखते हुए वह इन परिस्थितियों के लिए बेहद मुफीद साबित होते हैं. कप्तान ने उनके कौशल पर बात करते हुए बताया कि वह लगातार तेज गति से गेंद फेंकते हैं, सीम कराने का प्रयास करते हैं और पुरानी गेंद के साथ भी उतनी ही प्रभावी गेंदबाजी करते हैं. गिल के अनुसार टीम प्रबंधन को भरोसा था कि पिच से मदद न मिलने पर भी वह अतिरिक्त उछाल निकाल सकते हैं, और मैदान पर उनका प्रदर्शन देखना बेहद सुखद रहा.
भारतीय तेज आक्रमण के सामने 185 पर सिमटी कीवी टीम
भारतीय तेज गेंदबाजी इकाई के संयुक्त प्रयास के आगे न्यूजीलैंड की पूरी टीम महज 185 रनों पर ढेर हो गई. कंबोज की कसी हुई गेंदबाजी के साथ-साथ अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा चार विकेट झटके, जबकि गुरनूर बराड़ ने तीन बल्लेबाजों को आउट कर कीवी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी. इन तीनों तेज गेंदबाजों ने मिलकर न्यूजीलैंड के पूरे 10 में से 9 विकेट आपस में बांटे और बल्लेबाजों को कोई बड़ी साझेदारी नहीं बनाने दी.
पिच की तेजी और उछाल से हैरान रहे मिचेल सैंटनर
दूसरी तरफ न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम पिच के मिजाज को पहले से सही तरह से भांप नहीं पाई. सैंटनर ने कहा कि ईडन पार्क की पिच उनकी अपेक्षा से कहीं अधिक तेज और उछाल भरी थी. कीवी कप्तान ने माना कि उनकी टीम परिस्थितियों के साथ उतनी तेजी से सामंजस्य नहीं बैठा सकी जितनी जरूरत थी, और इसके साथ ही भारतीय गेंदबाजों ने भी बेहतरीन अनुशासन का परिचय दिया.


















