ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने खेल के सभी प्रारूपों से अपने संन्यास की सार्वजनिक घोषणा कर दी है। अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सामने आए इस बड़े फैसले के बाद से खेल जगत में उनकी यादगार पारियों को याद किया जा रहा है। खेल प्रेमी उनके इस अचानक लिए गए फैसले से काफी हैरान भी नजर आ रहे हैं। इसी फैसले के बाद मेरठ के स्थानीय युवा खिलाड़ियों ने मैक्सवेल के खेल जीवन, उनकी शैली और उनके जाने से खेल पर पड़ने वाले असर को लेकर अपनी राय रखी।
युवा खिलाड़ियों के लिए अप्रत्याशित रहा संन्यास का फैसला
मैक्सवेल के इस अप्रत्याशित कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय युवा क्रिकेटर गौरव ने बताया कि जिस अंदाज में यह ऐलान सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला था। ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय टीम के लिए वह लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे और टीम की जीत में मुख्य भूमिका निभाते आए थे। गौरव के अनुसार, जिस मुकाम पर मैक्सवेल खेलते थे, वहां किसी अन्य खिलाड़ी के लिए उनकी खाली जगह को तुरंत भर पाना बेहद कठिन चुनौती होगी। बड़े टूर्नामेंटों में उन्होंने बार-बार साबित किया कि वह दबाव के पलों में किस तरह मुकाबला अपने पक्ष में मोड़ सकते हैं।
दर्द में खेली गई ऐतिहासिक पारी बनी प्रेरणा
विश्व कप के मुकाबलों में मैक्सवेल की 201 रनों की नाबाद पारी को याद करते हुए गौरव ने कहा कि वह मुकाबला युवाओं के जेहन में हमेशा ताजा रहेगा। गंभीर शारीरिक दर्द और ऐंठन से जूझने के बावजूद उन्होंने जिस तरह अफगानिस्तान के सामने 201 रन नाबाद बनाकर असंभव सी लग रही जीत दिलाई, वह उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी सीख है। यह पारी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि अगर खिलाड़ी के भीतर खेल के प्रति सच्चा जुनून हो, तो किसी भी विपरीत परिस्थिति का डटकर सामना किया जा सकता है और अपनी टीम को संभाला जा सकता है।
ऑलराउंड खेल शैली से नई पीढ़ी को सीख
एक संपूर्ण ऑलराउंडर के तौर पर मैक्सवेल जिस आक्रामकता से बल्लेबाजी करते थे और जरूरत पड़ने पर किफायती गेंदबाजी से साझेदारी तोड़ते थे, वह सीखने वाले खिलाड़ियों के लिए बहुत काम की चीज है। वहीं एक अन्य स्थानीय क्रिकेटर आदर्श ने कहा कि उनकी अपनी समझ के मुताबिक मैक्सवेल को अभी कुछ और समय तक अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में अपना खेल जारी रखना चाहिए था। इसके बावजूद उन्होंने खिलाड़ी के निजी निर्णय का सम्मान करते हुए उनके भविष्य के सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
मैक्सवेल के करियर के बड़े ऐतिहासिक कीर्तिमान
मैक्सवेल के संन्यास के ऐलान के साथ ही उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की अभूतपूर्व उपलब्धियां फिर से चर्चा में हैं। साल 2023 के वनडे विश्व कप के दौरान उन्होंने नीदरलैंड्स के गेंदबाजों के खिलाफ महज 40 गेंदों में सबसे तेज शतक ठोक कर रिकॉर्ड बुक में नया इतिहास दर्ज कराया था। उसी टूर्नामेंट में जब अफगानिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई टीम केवल 91 रन पर अपने 7 अहम विकेट गंवा चुकी थी, तब मैक्सवेल ने एक पैर पर खड़े होकर 201 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली और अकेले दम पर जीत दिलाई। वह साल 2015 और 2023 के वनडे विश्व कप विजेता दल के साथ-साथ 2021 के टी-20 विश्व कप विजेता दल के भी अहम सदस्य रहे हैं।



















