मोंग कोक स्थित मिशन रोड ग्राउंड में एक नवंबर को खेले गए हांगकांग सुपर सिक्सेस 2026 के खिताबी मुकाबले में गुलबदीन नईब की कप्तानी वाली अफगानिस्तान की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से मात देकर टूर्नामेंट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 6 ओवर में 4 विकेट खोकर 115 रन बनाए थे। इसके जवाब में उतरी अफगान टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए महज 5.1 ओवर में 2 विकेट गंवाकर इस बड़े लक्ष्य को हासिल कर लिया।
इमरान नजीर की 14 गेंदों में 53 रनों की तूफानी पारी
लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण रही थी। टीम ने केवल 15 के कुल स्कोर पर करीम जनत का अहम विकेट गंवा दिया था। इसके कुछ ही देर बाद कप्तान गुलबदीन नईब भी 17 रन बनाकर 32 के कुल योग पर पवेलियन लौट गए। दो शुरुआती झटके लगने के बाद क्रीज पर आए इमरान नजीर ने मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया। नजीर ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर जमकर प्रहार किए और मैदान के चारों तरफ बड़े शॉट लगाए।
इमरान नजीर ने केवल 14 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 53 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 7 गगनचुंबी छक्के और 2 चौके शामिल रहे। दूसरे छोर से फरमाउल्लाह सैफी ने उनका भरपूर साथ दिया और 26 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। नजीर और सैफी के बीच तीसरे विकेट के लिए केवल 21 गेंदों में 87 रनों की अटूट और मैच जिताऊ साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत टीम ने 5.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी टीम की इस उपलब्धि को X पर साझा किया।
ग्रुप चरण से खिताबी मुकाबले तक अजेय रहा अफगानिस्तान का सफर
इस पूरे टूर्नामेंट में अफगानिस्तान का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा और टीम ने ग्रुप स्टेज से लेकर फाइनल तक अजेय रहते हुए खिताब जीता। ग्रुप चरण के अपने मुकाबले में अफगानिस्तान ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की थी। इसके बाद टीम ने ओमान को 4 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
सेमीफाइनल मुकाबले में अफगानिस्तान का आमना-सामना स्कॉटलैंड की टीम से हुआ था। इस नॉकआउट मैच में भी अफगान टीम ने अपना दबदबा बनाए रखा और स्कॉटलैंड को 21 रनों के अंतर से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी। पूरे टूर्नामेंट में टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने संतुलित खेल दिखाते हुए हर परिस्थिति में जीत दर्ज की और आखिरकार ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में हराकर पहली बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।



















