हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को उस समय निराशा हाथ लगी जब घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड ने जोरदार खेल दिखाया। यद्यपि पांच मुकाबलों की इस द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला की ट्रॉफी पर भारत ने 3-2 के अंतर से कब्जा जमा लिया, लेकिन इस अंतिम मुकाबले में रणनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर हुई गलतियों ने टीम के विजय रथ को रोक दिया। कीवी गेंदबाजों की सटीक लाइन और आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय योजनाएं पूरी तरह बिखरती नजर आईं।
शीर्ष क्रम का लचर आगाज और अभिषेक शर्मा का बल्ला खामोश
मुकाबले के पहले हिस्से में जब भारतीय बल्लेबाजी क्रम मैदान में उतरा, तो आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा से एक मजबूत और तेज शुरुआत की आशा की जा रही थी। टीम प्रबंधन की योजना पावरप्ले के ओवरों का भरपूर लाभ उठाने की थी। परिस्थितियां तब विपरीत हो गईं जब अभिषेक क्रीज पर टिकने में नाकाम रहे। पारी के दूसरे ही ओवर में गति के सौदागर एडम मिल्ने ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। मिल्ने की अतिरिक्त उछाल और गति वाली गेंद को संभालने के प्रयास में अभिषेक गेंद की दिशा पर नियंत्रण नहीं रख पाए। गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेते हुए शॉर्ट थर्ड मैन अथवा मिड-ऑफ क्षेत्र में खड़े क्षेत्ररक्षक डेरिल मिचेल के हाथों में समा गई। अभिषेक मात्र 2 गेंदों का सामना करते हुए केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके ने बल्लेबाजी क्रम पर ऐसा दबाव बनाया, जिससे पूरी पारी की लय पटरी से उतर गई।
दबाव में बिखरे संजू सैमसन, पावरप्ले में लगा दूसरा बड़ा आघात
अभिषेक शर्मा के सस्ते में आउट होने के बाद जिम्मेदारी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के कंधों पर आ टिकी थी। आवश्यकता इस बात की थी कि वह क्रीज पर समय बिताकर पारी को स्थिरता प्रदान करें। संजू इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाने में असमर्थ रहे। एडम मिल्ने ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से उन पर लगातार दबाव बनाए रखा। संजू ने क्रीज पर संघर्ष करते हुए 10 गेंदें तो खेलीं, परंतु उनके बल्ले से महज 4 रन ही निकले। उनका स्ट्राइक रेट बेहद निराशाजनक रूप से मात्र 40.00 का दर्ज किया गया। शीर्ष क्रम के दोनों प्रमुख बल्लेबाजों का पावरप्ले के भीतर इस तरह सस्ते में आउट होना टीम के बड़े स्कोर के लक्ष्य को करारा झटका दे गया।
मध्यक्रम में तिलक वर्मा का धीमा खेल और नेथन स्मिथ की चतुराई
पावरप्ले के शुरुआती आघातों के बाद मध्यक्रम को संभालने का दारोमदार युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा पर था। उनसे उम्मीद की जा रही थी कि वह एक संभली हुई और उपयोगी पारी खेलकर स्कोर को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाएंगे। तिलक क्रीज पर असहज दिखे और कीवी गेंदबाजों के सामने खुलकर नहीं खेल पाए। 8 गेंदों का सामना करने के बावजूद वह केवल 6 रन ही जोड़ सके और नेथन स्मिथ की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। रन गति बढ़ाने के अहम मोड़ पर उनका यह धीमा खेल रन-रेट को नीचे खींच लाया। तिलक के आउट होते ही कीवी गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।
ग्लेन फिलिप्स और टिम साइफर्ट का तूफान, एडम मिल्ने का कमाल
भारतीय पारी के कमजोर प्रदर्शन के बाद कीवी बल्लेबाजों ने अपने आक्रामक तेवर दिखाए। ग्लेन फिलिप्स और टिम साइफर्ट के बल्ले ने मैदान के चारों ओर रन बरसाए। ग्लेन फिलिप्स ने इस दौरान अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फिल सॉल्ट का 3 साल पुराना विश्व रिकॉर्ड तोड़कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। दूसरी तरफ, गेंदबाजी में एडम मिल्ने की धारदार गेंदबाजी ने भारतीय बल्लेबाजी की कमर पहले ही तोड़ दी थी। इन दोनों पहलुओं के दम पर न्यूजीलैंड ने मुकाबले का रुख पूरी तरह अपनी ओर मोड़ लिया।
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का खर्चीला स्पेल
गेंदबाजी के मोर्चे पर जब भारतीय टीम को अपने सबसे तजुर्बेकार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार से किफायती और विकेट निकालने वाले प्रदर्शन की अपेक्षा थी, तब वह अपनी प्रतिष्ठा के अनुकूल प्रदर्शन नहीं कर सके। भुवनेश्वर ने अपने कोटे के 4 ओवरों में बिना कोई विकेट प्राप्त किए 41 रन खर्च कर डाले। टी20 प्रारूप के लिहाज से उनका 10.20 का इकोनॉमी रेट काफी महंगा साबित हुआ। शुरुआती ओवरों में उनकी पहचान मानी जाने वाली स्विंग गेंदें इस मुकाबले में बेअसर साबित हुईं। इसके अलावा, पारी के अंतिम ओवरों में भी कीवी बल्लेबाजों ने उनके अनुभव को धता बताते हुए आसानी से बड़े शॉट खेले।
प्रिंस यादव की अनुभवहीनता और गेंदबाजी में नियंत्रण का अभाव
युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच सेडन पार्क की पिच पर गेंदबाजी करना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। वह अपनी लाइन और लेंथ पर बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं रख पाए। प्रिंस ने अपने 3 ओवरों के छोटे स्पेल में ही 35 रन लुटा दिए। इस दौरान उनका इकोनॉमी रेट 11.70 का रहा, जो पूरे मैच के सबसे खर्चीले गेंदबाजी आंकड़ों में शुमार हुआ। जब विपक्षी बल्लेबाज तेजी से लक्ष्य की ओर बढ़ रहे थे, तब प्रिंस की गेंदों में विकेट निकालने वाली विविधता और सटीकता देखने को नहीं मिली। इस अनुभवहीन गेंदबाजी का पूरा लाभ उठाते हुए न्यूजीलैंड ने मुकाबले में बाजी मार ली।



















