अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक शैली ने खेल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हैमिल्टन के सेडन पार्क मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और अंतिम मुकाबले के दौरान भारत एक ही कैलेंडर वर्ष में 400 छक्के पूरे करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया। इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने के लिए टीम को केवल 40 मैचों का सफर तय करना पड़ा, जो आधुनिक सफेद गेंद क्रिकेट में बल्लेबाजों के अभूतपूर्व दबदबे को दर्शाता है।
श्रृंखला के इस आखिरी मैच में भारतीय पारी के दौरान कुल 11 छक्के लगे, जिनकी बदौलत टीम ने इस जादुई आंकड़े को पार कर लिया। पूरे वर्ष विभिन्न प्रतिद्वंद्वियों के सामने आक्रामक रुख अपनाने वाली इस टीम के लिए यह उपलब्धि निरंतर आक्रामक खेल का परिणाम बनकर सामने आई है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सर्वाधिक प्रहार और शीर्ष हिटर
इस पूरे कैलेंडर वर्ष में विरोधी टीमों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर चला, लेकिन कीवी गेंदबाजों के खिलाफ उनका प्रदर्शन असाधारण रहा। भारत ने अकेले न्यूजीलैंड के विरुद्ध इस साल 142 छक्के जड़े हैं, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में किसी एक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ एक वर्ष में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्कों का नया कीर्तिमान है।
व्यक्तिगत आंकड़ों पर नजर डालें तो युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा सबसे आगे रहे। उन्होंने इस वर्ष अपने खाते में 86 छक्के दर्ज किए। उनके ठीक पीछे विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन रहे, जिन्होंने 60 छक्के लगाए, जबकि संजू सैमसन 50 छक्कों के साथ तीसरे पायदान पर मौजूद रहे। इन तीनों खिलाड़ियों के लगातार बड़े शॉट लगाने की क्षमता ने इस 400 के आंकड़े को मुमकिन बनाया।
शुरुआती झटकों के बाद संभली पारी और 93 रनों की साझेदारी
सेडन पार्क में टॉस के बाद भारतीय पारी की शुरुआत अनुकूल नहीं रही थी। टीम ने महज 19 के कुल स्कोर पर अपने दो शुरुआती विकेट गंवा दिए थे। ऐसी दबाव भरी परिस्थिति में क्रीज पर मौजूद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने मोर्चा संभाला। दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 93 रनों की बहुमूल्य और तेजतर्रार साझेदारी निभाई, जिसने टीम को शुरुआती संकट से पूरी तरह बाहर निकाल दिया।
ईशान किशन ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए 31 गेंदों का सामना कर 61 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर से कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी रफ्तार कम नहीं होने दी और मात्र 23 गेंदों में 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। अय्यर की इस पारी में 3 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के देखने को मिले।
एडम मिल्ने की घातक गेंदबाजी और 191/8 का स्कोर
मध्यक्रम में नमन धीर ने 23 गेंदों पर 33 रनों की पारी खेली, जबकि नीतीश कुमार रेड्डी ने 17 गेंदों पर 22 रनों का उपयोगी योगदान दिया। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम एक समय 200 से अधिक के विशाल स्कोर की ओर बढ़ती दिख रही थी।
हालांकि, अंतिम ओवरों में न्यूजीलैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज एडम मिल्ने ने मुकाबले की दिशा बदल दी। मिल्ने ने बेहतरीन लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए मात्र 19 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके। उनके इस कसी हुई गेंदबाजी के चलते भारतीय टीम अंतिम ओवरों में तेजी से रन नहीं बना सकी और निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 191 रन ही बना पाई।



















