हांगकांग सिक्सेस 2026 में भारतीय टीम का अभियान बेहद निराशाजनक अंदाज में समाप्त हो गया। पाकिस्तान के खिलाफ शिकस्त झेलने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि भारतीय खिलाड़ी यूएई को मात देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर लेंगे। हालांकि, मैदान पर भारतीय टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और यूएई के हाथों मिली एकतरफा हार के साथ ही उसका टूर्नामेंट का सफर खत्म हो गया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय टीम बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही मोर्चों पर संघर्ष करती दिखाई दी।
टी. नटराजन के संघर्ष के बावजूद 94 रनों पर सिमटी पारी
यूएई के खिलाफ मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित ओवरों में 6 विकेट गंवाकर 94 रन ही बना सकी। इस पारी में निचले क्रम पर टी. नटराजन ने शानदार आक्रामकता दिखाते हुए सबसे बड़ा योगदान दिया। उन्होंने महज 14 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौके और 4 छक्के उड़ाए तथा 38 रनों की जुझारू पारी खेली। इसके अलावा राहुल त्रिपाठी ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए 7 गेंदों में 21 रन बनाए। हालांकि, टीम के अन्य प्रमुख चेहरे कुछ खास योगदान नहीं दे सके। शशांक सिंह, नीतीश राणा और कप्तान क्रुणाल पांड्या बल्ले से पूरी तरह नाकाम रहे, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने से चूक गई।
खालिद शाह और अंश टंडन का तूफानी खेल, 26 गेंदों में हासिल किया लक्ष्य
जीत के लिए मिले 95 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए यूएई की सलामी जोड़ी ने पहले ही ओवर से आक्रामक रुख अपना लिया। यूएई की टीम ने बिना कोई विकेट गंवाए महज 26 गेंदों में मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। यूएई के कप्तान खालिद शाह ने मैदान के चारों तरफ शॉट खेलते हुए महज 14 गेंदों में तेजतर्रार अर्धशतक जड़ दिया। उन्होंने अपनी नाबाद 52 रनों की पारी के दौरान 3 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के लगाए। दूसरे छोर पर खड़े अंश टंडन ने भी उनका पूरा साथ निभाया। अंश टंडन ने 12 गेंदों में 2 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 39 रन बनाकर अपनी टीम को एकतरफा जीत दिला दी।
पाकिस्तान के खिलाफ भी झेलनी पड़ी थी करारी शिकस्त
टूर्नामेंट में भारतीय अभियान की शुरुआत भी बेहद खराब रही थी। 30 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम को करारी हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में शशांक सिंह ने 11 गेंदों पर 40 रनों की तेज पारी खेली थी, लेकिन इसके बावजूद पूरी भारतीय टीम 6 ओवरों में केवल 88 रन ही जुटा सकी थी। पाकिस्तान के कप्तान अब्बास अफरीदी ने जवाबी हमले में केवल 8 गेंदों पर 35 रन जड़ दिए, जिसके चलते पाकिस्तान ने इस छोटे लक्ष्य को 3.5 ओवरों यानी महज 23 गेंदों में ही हासिल कर लिया था।
कप्तान क्रुणाल पांड्या की गेंदबाजी रही बेहद महंगी
दोनों ही मुकाबलों में भारतीय कप्तान क्रुणाल पांड्या का व्यक्तिगत प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। गेंदबाजी के दौरान वह विपक्षी बल्लेबाजों पर बिल्कुल अंकुश नहीं लगा पाए। पहले मुकाबले में पाकिस्तान के बल्लेबाजों ने उनके पहले ही ओवर में लगातार पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़ दिए थे। इसके बाद यूएई के खिलाफ मुकाबले में भी उनका खराब दौर जारी रहा। यूएई के विरुद्ध उन्होंने केवल दो गेंदें फेंकी और वहां भी विरोधी बल्लेबाजों ने लगातार दो गेंदों पर दो छक्के लगा दिए। गेंदबाजी की इस विफलता ने टीम की स्थिति को और कमजोर कर दिया।



















