गुजरात में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दीदार करने आने वाले सैलानियों के लिए यात्रा का अनुभव अब और भी शानदार होने वाला है। इस पूरे क्षेत्र में घूमने, ठहरने और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को एकतानगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और कई अहम योजनाओं की नींव रखी। इन पहलों के जरिए पर्यटन को नए आयाम देने के साथ बुनियादी नागरिक सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है, जिसमें 127 कमरों वाला आधुनिक होटल, कृत्रिम वर्षावन यानी रेनफॉरेस्ट, यूनिटी व इको ट्रेल, नर्मदा घाट का कायाकल्प तथा जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र शामिल हैं।
रेलवे स्टेशन के पास आधुनिक सुविधाओं से लैस नया होटल
सैलानियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन के बिल्कुल समीप IRCTC ने 127 कमरों का एक सर्वसुविधा संपन्न होटल तैयार किया है। करीब दो एकड़ क्षेत्र में फैले इस आतिथ्य परिसर के निर्माण में लगभग 52.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस होटल में ठहरने के लिए चार अलग-अलग श्रेणियों के कमरे बनाए गए हैं। इसके अलावा यहां आने वाले मेहमानों के लिए रेस्टोरेंट, कैफेटेरिया, बड़ा बैंक्वेट हॉल, कॉन्फ्रेंस से जुड़ी सुविधाएं और स्विमिंग पूल जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रेलवे स्टेशन के पास होने के चलते रेल मार्ग से एकतानगर पहुंचने वाले यात्रियों को भारी सामान लेकर दूर नहीं जाना पड़ेगा और वे सीधे यहां सुगमता से ठहर सकेंगे।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए अब तक 3 करोड़ से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं। पर्यटकों के इस भारी आवागमन को देखते हुए नए होटल से यात्रियों को एक प्रीमियम और भरोसेमंद विकल्प मिला है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सैलानी यहां सिर्फ दिनभर का दौरा करने के बजाय रात में भी रुकेंगे और ज्यादा समय बिताकर आसपास के अन्य दर्शनीय स्थलों का भी आनंद ले सकेंगे।
रेनफॉरेस्ट, इको ट्रेल और घाट के विकास से बढ़ेगा आकर्षण
प्राकृतिक और रोमांचक अनुभवों को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्र में रेनफॉरेस्ट, यूनिटी ट्रेल और इको ट्रेल से संबंधित नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही नर्मदा नदी के पावन तट पर स्थित घाट के उन्नयन और आसपास के इलाके में विशेष फसाड लाइटिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे शाम के समय पूरा क्षेत्र बेहद आकर्षक दिखाई देगा। इन सभी प्रयासों का मकसद यहां आने वाले पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक व्यवस्थाओं का संतुलित अनुभव देना है। स्वच्छता और पर्यावरणीय संतुलन को बरकरार रखने के लिए नए सीवेज और जल उपचार संयंत्र भी शुरू किए गए हैं, जिनसे क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति और गंदे पानी के प्रभावी शोधन में मदद मिलेगी।
पर्यावरण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी अन्य नई योजनाएं
पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ प्रधानमंत्री ने कई दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें गोरा-भद्र रोड का चौड़ीकरण और विकास, पर्यावरण संरक्षण के लिए इंटीग्रेटेड जीरो वेस्ट स्मार्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट तथा खलवानी इको टूरिज्म डेवलपमेंट की योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा यहां आने वाले प्रकृति प्रेमियों के लिए कैक्टस गार्डन और बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास पर भी काम शुरू किया जा रहा है, जिससे जैव विविधता का संरक्षण होने के साथ पर्यटकों को नई जानकारियां मिल सकेंगी।
स्थानीय रोजगार और व्यापार को गति मिलने की उम्मीद
इन तमाम विकास परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से एकतानगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। नए होटल, खानपान केंद्रों और दर्शनीय परिसरों के दैनिक संचालन से स्थानीय युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। वहीं पर्यटकों के लंबे ठहराव से स्थानीय स्तर पर काम करने वाले टैक्सी चालकों, छोटे दुकानदारों, ढाबा व रेस्टोरेंट संचालकों और हस्तशिल्प विक्रेताओं के कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।



















