हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने एक नया इतिहास रच दिया है। जिम्बाब्वे दौरे पर गई ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए पहले वनडे मुकाबले में नंबर-6 पर बल्लेबाजी करने उतरे रेनशॉ ने शानदार शतकीय पारी खेलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रेनशॉ के वनडे करियर का यह पहला ही शतक है, लेकिन अपनी इस पारी के दम पर उन्होंने कई पुराने कीर्तिमानों को पीछे छोड़ दिया। रेनशॉ ने कुल 94 गेंदों का सामना करते हुए 109 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
एडम गिलक्रिस्ट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड टूटा
इस मुकाबले में रेनशॉ का सबसे बड़ा कारनामा पूर्व दिग्गज विकेटकीपर बल्लेबाज एडम गिलक्रिस्ट का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ना रहा। मैट रेनशॉ अब जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे प्रारूप में सबसे तेज शतक जड़ने वाले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने अपनी सेंचुरी तक पहुंचने के लिए केवल 86 गेंदें लीं। इससे पहले यह रिकॉर्ड एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज था, जिन्होंने साल 2004 में होबार्ट के मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ 89 गेंदों में शतक बनाया था। पूरे 22 वर्षों तक कोई भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज गिलक्रिस्ट के इस आंकड़े को पार नहीं कर सका था।
जिम्बाब्वे की धरती पर सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी
रेनशॉ की यह पारी जिम्बाब्वे में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज द्वारा खेली गई अब तक की सबसे बड़ी वनडे पारी भी बन गई है। इसके साथ ही साल 2004 के बाद यह पहला मौका है जब किसी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे में शतक लगाया हो। उनसे पहले यह उपलब्धि माइकल क्लार्क ने हासिल की थी, जिन्होंने नाबाद 105 रनों की पारी खेली थी। निचले मध्यक्रम में आकर शतक लगाने का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि 2023 वनडे वर्ल्ड कप में ग्लेन मैक्सवेल की ऐतिहासिक 201 रन की नाबाद पारी के बाद, रेनशॉ पहले ऐसे ऑस्ट्रेलियाई बने हैं जिन्होंने नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाया है।
नंबर-6 पर बल्लेबाजी करते हुए पहली बार बना यह रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट के इतिहास में इससे पहले किसी भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने नंबर-6 या उससे नीचे उतरकर शतकीय पारी नहीं खेली थी। रेनशॉ से पहले इस क्रम पर सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर डेमियन मार्टिन के नाम था, जिन्होंने साल 1999 में बुलावायो के मैदान पर नाबाद 57 रन बनाए थे। रेनशॉ ने उस पुराने आंकड़े को बहुत पीछे छोड़ते हुए अपने पहले ही एकदिवसीय शतक को हमेशा के लिए यादगार बना दिया है।















