हरारे स्पोर्ट्स क्लब के मैदान पर तीन एकदिवसीय मैचों की द्विपक्षीय सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान जिम्बाब्वे को 59 रनों से शिकस्त दे दी. इस बेहतरीन जीत की बदौलत मेहमान कंगारू टीम ने श्रृंखला में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने निर्धारित ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 294 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 45.1 ओवरों में 235 रनों के कुल योग पर ढेर हो गई. इस तीन मैचों की सीरीज के बाकी बचे दोनों मुकाबले 18 सितंबर और 20 सितंबर को इसी मैदान पर खेले जाने हैं.
शुरुआती झटकों के बाद संभली कंगारू पारी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और महज 10 रन के कुल स्कोर पर सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड सिर्फ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इसके बाद कप्तान मिचेल मार्श ने पारी को संभालने का जिम्मा उठाया और युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 50 रनों की अहम साझेदारी की. आक्रामक रुख अपनाते हुए कप्तान मिचेल मार्श ने 28 गेंदों में 1 छक्के और 6 चौकों की मदद से 36 रन बनाए, लेकिन उनके आउट होते ही जोश इंगलिस क्रीज पर आए और महज 4 रन बनाकर चलते बने. हालांकि दूसरे छोर पर टिके कूपर कोनोली ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी जारी रखी और 51 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली.
रेनशॉ का पहला शतक और साझेदारियों का कमाल
ऑस्ट्रेलियाई टीम जब 107 के स्कोर पर अपने 4 प्रमुख विकेट गंवाकर संकट में दिख रही थी, तब मैट रेनशॉ ने मैदान पर उतरकर मैच का रुख बदल दिया. रेनशॉ ने सबसे पहले विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी के साथ पांचवें विकेट के लिए 72 रनों की बहुत जरूरी साझेदारी की. कैरी ने 27 रनों का योगदान दिया और टीम को स्थिरता प्रदान की. इसके बाद रेनशॉ को ओलिवर पीक का मजबूत साथ मिला और दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 75 रन जोड़े. ओलिवर पीक ने तेजी से 30 रन बनाए. मैट रेनशॉ ने अपनी पारी को विशाल रूप देते हुए 94 गेंदों में 3 छक्कों और 7 चौकों के साथ 109 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, जो उनके एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक भी साबित हुआ. जिम्बाब्वे के लिए गेंदबाजी में न्यूमैन न्याम्हुरी ने कड़ा संघर्ष करते हुए 9 ओवरों में 62 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए, जबकि ब्रैड इवांस ने 2 विकेट चटकाए और कप्तान सिकंदर रजा को 1 विकेट मिला.
जिम्बाब्वे का मध्यक्रम में संघर्ष और एलिस का घातक स्पेल
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही, जब टीम का खाता खुलते ही महज 1 रन के स्कोर पर बेन करन बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. इसके बाद ब्रायन बेनेट ने 25 रन और इनोसेंट काइया ने 18 रन बनाकर दूसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी की, लेकिन इस जोड़ी के अलग होते ही टीम लड़खड़ा गई और 62 रन के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते उसके 4 शीर्ष बल्लेबाज डगआउट में बैठ चुके थे. ऐसे नाजुक मोड़ पर क्रेग इर्विन और कप्तान सिकंदर रजा ने मोर्चा संभाला. दोनों अनुभवी बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 98 रनों की शतकीय साझेदारी निभाकर मैच में मेजबान टीम की उम्मीदों को जीवित रखा.
क्रेग इर्विन ने 60 गेंदों का सामना करते हुए 59 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि कप्तान सिकंदर रजा ने 57 रन बनाए. निचले क्रम में वेस्ली मधेवेरे ने 22 रन जोड़कर संघर्ष जारी रखने की कोशिश की, मगर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज नाथन एलिस के सामने किसी की न चली. एलिस ने सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए महज 31 रन देकर 5 बल्लेबाजों का शिकार किया. इसके अलावा स्पेंसर जॉनसन, जैवियर बार्टलेट, मैट रेनशॉ, एडम जांपा और कूपर कोनोली ने 1-1 विकेट हासिल कर जिम्बाब्वे की पूरी पारी को 235 रनों पर समेट दिया.
















