चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन की टीम ने अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट जोन ने अपनी पहली पारी में 708 रनों का विशालकाय स्कोर खड़ा किया था. जवाब में उतरी साउथ जोन की टीम तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 80 ओवरों में 6 विकेट खोकर केवल 242 रन ही बना सकी है. फिलहाल साउथ जोन की टीम ईस्ट जोन के पहली पारी के स्कोर से 466 रन पीछे है और उस पर हार का खतरा मंडरा रहा है.
ईशान किशन की 270 रनों की मैराथन पारी से बना पहाड़ जैसा स्कोर
ईस्ट जोन की पहली पारी को इतने बड़े स्कोर तक पहुंचाने में कप्तान ईशान किशन का सबसे अहम योगदान रहा. सलामी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन और उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी की. वैभव सूर्यवंशी 37 गेंदों में 6 चौकों की मदद से 44 रन बनाकर आउट हुए. टीम का स्कोर जब 147 रन पर 3 विकेट था, तब कप्तान ईशान किशन ने मैदान पर कदम रखा और विरोधी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं.
ईशान किशन ने 334 गेंदों का सामना करते हुए 30 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 270 रनों की यादगार पारी खेली. इस दौरान उन्होंने शिखर मोहन के साथ चौथे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी की, जिन्होंने 85 रन बनाए. इसके बाद ईशान किशन ने कुमार कुशाग्र के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए 230 रनों की बड़ी पार्टनरशिप की. कुमार कुशाग्र ने शानदार शतक जड़ते हुए 101 रन बनाए. इसके अलावा अनुकूल रॉय ने भी 45 रन और कौनेन कुरैशी ने 40 रन का योगदान दिया. ईशान और अनुकूल के बीच छठे विकेट के लिए 140 रन जुड़े. साउथ जोन की ओर से त्रिपुरण विजय सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 4 विकेट हासिल किए. वहीं चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को 2-2 विकेट मिले, जबकि एक सफलता शेख रशीद के हाथ लगी.
साउथ जोन का शीर्ष क्रम ध्वस्त, पड्डिकल की अर्धशतकीय पारी
708 रनों के विशाल लक्ष्य के जवाब में पहली पारी खेलने उतरी साउथ जोन की शुरुआत बेहद खराब रही. टीम को पहला झटका महज 10 के कुल स्कोर पर लगा, जब रिकी भुईं सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. इसके बाद देवदत्त पड्डिकल और नारायण जगदीशन ने मिलकर पारी को संभाला. दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी हुई, जिससे टीम का स्कोर 70 रन तक पहुंचा. नारायण जगदीशन 6 चौकों की मदद से 32 रन बनाकर आउट हुए.
जगदीशन के आउट होने के बाद पड्डिकल को शेख रशीद का साथ मिला. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 56 रनों का योगदान दिया. शेख रशीद 27 रन बनाकर आउट हुए, जबकि देवदत्त पड्डिकल ने जिम्मेदारी से बल्लेबाजी करते हुए 4 चौकों की मदद से 62 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली. हालांकि, पड्डिकल के आउट होते ही साउथ जोन की टीम का स्कोर 129 रन पर 4 विकेट हो गया और टीम दबाव में आ गई.
कप्तान तिलक वर्मा का संघर्ष और गेंदबाजों का जलवा
चार विकेट जल्दी गिर जाने के बाद साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने एक छोर संभाले रखा. उन्होंने मध्यक्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम का स्कोर 200 के पार पहुंचाया. तिलक वर्मा ने स्मरण रविचंद्रन के साथ पांचवें विकेट के लिए 45 रनों की साझेदारी की, जिसमें स्मरण ने 23 रन बनाए. इसके बाद तिलक ने श्रेयस गोपाल के साथ छठे विकेट के लिए 66 रन जोड़े. श्रेयस गोपाल 26 रन बनाकर आउट हुए.
तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक कप्तान तिलक वर्मा 133 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 56 रन बनाकर क्रीज पर डटे हुए हैं. उनके साथ चामा मिलिंद 2 रन बनाकर नाबाद लौटे हैं. ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन किया है. अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट चटकाए हैं, जबकि कौनेन कुरैशी और शिखर मोहन को 1-1 सफलता मिली है. साउथ जोन को पारी की हार से बचने और मैच में वापसी करने के लिए चौथे दिन असाधारण प्रदर्शन की जरूरत होगी.



















