अंतरराष्ट्रीय प्रो रेसलिंग के इतिहास में जब भी भारतीय पहलवानों का नाम लिया जाता है, तब द ग्रेट खली की पहचान सबसे अलग नजर आती है। सात फीट एक इंच की विशाल कद-काठी और भारी-भरकम शरीर वाले इस दिग्गज ने जब दुनिया के सबसे बड़े रेसलिंग मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, तब चारों तरफ खलबली मच गई थी। उनका सफर केवल एक साधारण रेसलेर की कामयाबी भर नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसे मजबूत हौसले का उदाहरण बना जिसने वैश्विक पटल पर भारत को एक नई पहचान दिलाई। वर्तमान में खली की कुल संपत्ति करीब 70 करोड़ रुपये आंकी जाती है।
मार्क हेनरी और अंडरटेकर के मैच में अप्रत्याशित दखल
यह किस्सा उस दौर का है जब रेसलिंग रिंग में मार्क हेनरी और दिग्गज रेसलर द अंडरटेकर के बीच बेहद कड़ा और सांसें रोक देने वाला मुकाबला लड़ा जा रहा था। दोनों ही दिग्गज रेसलर रिंग के भीतर एक-दूसरे पर हावी होने का हर संभव प्रयास कर रहे थे और एरेना में मौजूद दर्शक टकटकी लगाए इस घमासान को देख रहे थे। उसी समय मैच के दौरान एक ऐसी अप्रत्याशित घटना घटी जिसकी किसी ने दूर-दूर तक उम्मीद नहीं की थी। रिंग की तरफ एक रहस्यमयी और बेहद विशालकाय शख्स आगे बढ़ा, जिसे देखते ही पूरा हॉल और कमेंट्री बॉक्स में बैठे कमेंटेटर पूरी तरह स्तब्ध रह गए। किसी को भी यह अंदाजा नहीं लग पा रहा था कि सामने खड़ा यह भीमकाय इंसान कौन है और कहां से आया है।
रिंग में कदम रखते ही अंडरटेकर को किया चारों खाने चित
यह द ग्रेट खली का वह चर्चित प्रवेश था जिसने पूरी रेसलिंग बिरादरी को हिला कर रख दिया। रिंग के अंदर दाखिल होते ही उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे अंडरटेकर पर धावा बोल दिया और उन पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। अंडरटेकर जैसे खूंखार और अनुभवी फाइटर ने खुद का बचाव करने के लिए खली पर पूरी ताकत से दो जोरदार घूंसे दागे, लेकिन खली की फौलादी कद-काठी पर उन प्रहारों का जरा भी असर नहीं दिखाई दिया। इसके जवाब में खली ने अपना रौद्र रूप दिखाया और सिर्फ एक ही जोरदार मुक्के में अंडरटेकर को कैनवास पर ढेर कर दिया। उस एक सनसनीखेज लम्हे ने पूरे रेसलिंग संसार को स्तब्ध कर दिया और हर कोई इस रहस्यमयी चेहरे के बारे में जानने को उतावला हो उठा।
जापान के फुनाकी के खिलाफ लड़ा पहला सिंगल्स मुकाबला
अंडरटेकर के मुकाबले में अचानक दखल देकर सुर्खियां बटोरने के बाद खली ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अगर उनके करियर के पहले आधिकारिक सिंगल्स मैच की बात करें, तो वह 17 अप्रैल 2006 को लड़ा गया था। इस मुकाबले में उनके प्रतिद्वंद्वी जापान के मशहूर रेसलर फुनाकी थे। फुनाकी तकनीकी रूप से बेहद फुर्तीले फाइटर माने जाते थे, इसलिए यह मुकाबला खली के करियर की पहली वास्तविक परीक्षा था। रिंग में उतरते ही खली ने अपनी असीम शारीरिक ताकत का ऐसा जबर्दस्त मुजाहिरा पेश किया कि यह मैच महज कुछ ही मिनटों में खत्म हो गया। खली ने फुनाकी को एकतरफा अंदाज में मात देकर रिंग में अपनी बादशाहत साबित की, जिसने आगे चलकर उनके शानदार सफर की मजबूत नींव रखी।
साल 2018 में संन्यास और जालंधर में खोली रेसलिंग एकेडमी
फुनाकी पर धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद खली ने रेसलिंग की दुनिया के कई बड़े दिग्गजों को धूल चटाई और रिंग के इतिहास में अपना नाम अमर कर दिया। वर्षों तक रिंग में दबदबा कायम रखने के बाद उन्होंने 27 अप्रैल 2018 को पेशेवर रेसलिंग से अपने संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी। हालांकि रिंग से विदा लेने के बाद भी कुश्ती के प्रति उनका जुनून बिल्कुल कम नहीं हुआ। खली ने भारत लौटकर युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने का फैसला किया। इसी मकसद से वह पंजाब के जालंधर में कॉन्टिनेंटल रेसलिंग एंटरटेनमेंट नाम से अपनी खुद की रेसलिंग कंपनी और एकेडमी संचालित कर रहे हैं, जहां देशभर से आने वाले होनहार रेसलर्स को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग दी जा रही है।


















