भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने भले ही अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल की शुरुआत नहीं की है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। हाल ही में इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान और पूरे यूनाइटेड किंगडम में हर तरफ सिर्फ उन्हीं के नाम का शोर सुनाई दे रहा है। खेल पत्रकारों के बैठने वाले प्रेस बॉक्स में कदम रखते ही यह साफ हो जाता है कि इस समय क्रिकेट जगत का सबसे पसंदीदा विषय कोई और नहीं, बल्कि सिर्फ वैभव ही हैं। हर कोई उनके हुनर और उनके भविष्य को लेकर बातें कर रहा है।
विराट से वैभव की ओर बढ़ता स्टार कल्चर
क्रिकेट जगत में अक्सर यह चर्चा होती है कि खेल को किसी एक खिलाड़ी के इर्द-गिर्द केंद्रित नहीं होना चाहिए, लेकिन इसके बावजूद स्टार कल्चर को खत्म करना नामुमकिन है। खेल प्रेमियों को कहानियों और नायकों की जरूरत होती है और यही वजह है कि वैभव को लगातार इतनी लोकप्रियता मिल रही है। लोकप्रियता और विरासत का यह सफर अब साफ तौर पर विराट से वैभव की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है, जिसका एक बड़ा उदाहरण हमें यूनाइटेड किंगडम में देखने को मिल रहा है।
फीफा वर्ल्ड कप जैसी बड़ी खेल प्रतियोगिताओं पर भी भारी पड़े वैभव
एक वरिष्ठ खेल पत्रकार ने स्थिति को समझाते हुए बताया कि आमतौर पर जब दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन यानी फीफा वर्ल्ड कप चल रहा होता है, तब समाचार पत्रों में किसी अन्य खेल के लिए जगह ढूंढना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन इस समय हालात बिल्कुल अलग हैं। संपादकों ने विशेष रूप से वैभव सूर्यवंशी पर विस्तृत कवरेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनकी लोकप्रियता किसी बड़े फुटबॉल स्टार जैसी हो गई है। एक अन्य उत्साहित पत्रकार का कहना है कि वे आम तौर पर T20 मैचों के लिए पॉडकास्ट का निर्माण नहीं करते हैं और उनका पूरा ध्यान टेस्ट क्रिकेट पर ही रहता है, लेकिन वैभव की वजह से वे इस बार एक नया अपवाद बना रहे हैं और इस T20 श्रृंखला के लिए विशेष रूप से पॉडकास्ट रिकॉर्ड करेंगे क्योंकि दर्शक केवल उन्हीं को सुनना चाहते हैं।
टीम प्रबंधन का संरक्षण और इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
इस असाधारण माहौल और बाहरी दबाव के बीच भारतीय टीम प्रबंधन ने काफी सूझबूझ का परिचय दिया है। उन्होंने वैभव को बाहरी दुनिया के शोर-शराबे से पूरी तरह बचाकर रखा है और उन पर किसी भी तरह का मानसिक दबाव नहीं आने दिया है। खेल प्रेमियों के बीच इस बात को लेकर काफी बहस चल रही है कि क्या उन्हें जल्द से जल्द प्लेइंग इलेवन में डेब्यू का मौका देना चाहिए। हालांकि, टीम की रणनीतिक कमान संभालने वाले अधिकारियों को अपनी योजनाओं के बारे में अच्छी तरह पता है। इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर माइकल वॉन ने तो वैभव को वर्तमान समय में दुनिया का सबसे बेहतरीन T20 खिलाड़ी तक घोषित कर दिया है और भारतीय प्रबंधन की इस बात के लिए आलोचना भी की है कि उन्हें टीम में खेलने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है।
आधुनिक खेलों की बदलती सामाजिक और व्यावसायिक संरचना
मात्र 15 साल के इस युवा खिलाड़ी को लेकर दुनिया भर में जो हलचल मची हुई है, वह खेल के व्यावसायिक और सामाजिक पहलू का एक बड़ा उदाहरण है। यह साफ दिखाता है कि आधुनिक खेल केवल मैदान पर होने वाले प्रदर्शन से नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द बुनी जाने वाली कहानियों से चलते हैं। कुछ खास खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनके नाम से ही स्टेडियम में टिकटों की बिक्री बढ़ जाती है और दर्शक बड़ी संख्या में खींचे चले आते हैं। ब्रॉडकास्टर्स को भी अपनी टीआरपी बढ़ाने और शो को बेचने के लिए ऐसे ही मजबूत किरदारों की आवश्यकता होती है। भले ही वैभव इस पूरी व्यावसायिक प्रक्रिया से अनभिज्ञ हों, लेकिन आने वाले कुछ हफ्तों में उन्हें इसी तरह मीडिया के केंद्र में रखा जाएगा। हालांकि, इसके बाद जैसे ही वनडे सीरीज शुरू होगी, लोगों का ध्यान एक बार फिर से विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की ओर स्थानांतरित हो जाएगा।













